BIG BREAKING वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी की सड़क में घोटाला

BIG BREAKING वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी की सड़क में घोटाला
on the spot investigation

पीएमजीएसवाई के तहत एक साल में न बन सकी दस किमी सड़कजिलाधिकारी के ऑन द स्पाट पहुंचने पर हुआ खुलासाअधूृरी सड़क समय से पहले टूटी-फूटी, बीएचयू का आईआईटी विभाग करेगा जांच

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी लगभग दस किलोमीटर सड़क के निर्माण में घोटाले का गुरुवार को खुलासा हुआ जब जिलाधिकारी विजय किरण आनंद जांच-पड़ताल के लिए ऑन द स्पाट पहुंचे। आलम यह कि एक वर्ष में दस किलोमीटर सड़क तक नहीं बन सकी। पीएमजीएसवाई यानि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी लगभग दस किलोमीटर आधी-अधूरी व टूटी-फूटी मिलने पर डीएम का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ठेकेदार को मोहलत दी और चेताया कि तय समय के भीतर मानक के अनुरुप सड़क नहीं बनी तो हवालात जाने को तैयार रहें। डीएम ने सड़क की गुणवत्ता की जांच के लिए बीएचयू आईआईटी से कराने की बात कही है। आईआईटी ने अगर रिपोर्ट दी कि सड़क निर्माण में धांधली हुई है तो ठेकेदार पर कार्रवाई तय है।

दरअसल वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर छित्तमपुरा से रजवाड़ी वाया धौरहरा मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत दस किलोमीटर सड़क बनाने का काम ठेकेदार अमित सिंह को सौंपा गया था। एक वर्ष पूर्व तीन सितंबर को कार्य शुरू हुआ। चार करोड़ 54 लाख 77हजार रुपये की लागत से सड़क को दो सितंबर 2016 तक का समय दिया गया था। 


जिलाधिकारी विजय किरण आनंद को बीते दिनों शिकायत मिली थी कि ठेकेदार ने इतनी खराब सड़क बनाई है कि पूर्ण निर्माण से पहले ही सड़क कई जगह से टूट गई है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ गुरुवार को धौरहरा पहुंच गए। 

सड़क का हाल देखते ही डीएम उखड़ गए। ठेकेदार को तलब कर जमकर क्लास ली।  जांच-पड़ताल में बात सामने आई कि ठेकेदार ने दस किलोमीटर सड़क बनाई ही नहीं। आठ किलोमीटर तक सड़क बनाने के बाद उसे छोड़ दिया। सड़क निर्माण में इस कदर धांधली की गई कि निर्माण के साथ ही गिट्टियां तारकोल का साथ छोडऩे लगी। डीएम के आदेश पर एक, तीन, पांच और सात किलोमीटर की दूरी पर सड़क की खोदाई कर उसका सैंपल लिया और जांच के लिए बीएचयू भिजवाने की कवायद की। 

डीएम ने पीएमजीएसवाई ने इंजीनियर वीके जैन की भी जमकर क्लास ली। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे देख डीएम का पारा गरम हो रहा था और ठेकेदार व पीएमजीएसवाई के अभियंताओं की हालत खराब हो रही थी। डीएम ने तत्काल ठेकेदार को नोटिस देते हुए कहा कि 31 अक्टूबर तक यदि मानक के अनुरूप सड़क न बनी तो जेल जाने को तैयार रहें। 

गौरतलब है कि वाराणसी की अधिकतर सड़कों का हाल इस समय खस्ता है। भाजपा विधायक रविंद्र जायसवाल भी बीते सप्ताह अपने विस क्षेत्र की टूटी-फूटी सड़कों को लेकर धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही आरोप लगा चुके हैं कि बनारस में सड़क निर्माण के नाम पर अरबों का घोटाला हुआ है। डीएम के स्थलीय निरीक्षण से विधायक की बात सच साबित हो रही है। 
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