राजनीति का कर दिया पिंडदान

राजनीति का कर दिया पिंडदान
politics pinddan

युवाओं  की ललकार, नारे नहीं लगाएंगे, तख्ती नहीं उठाएंगे

वाराणसी. यूं तो पितृपक्ष के अवसर पर लोग अपने पितरों का पिंडदान करते हैं लेकिन मोक्ष नगरी काशी और यहां के निवासी कुछ अलग कामों से लोगों का ध्यान बरबस ही अपनी ओर खींच लेते हैं। भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों का मणिकर्णिका घाट पिंडदान चर्चा का विषय बना था कि एक और पिंडदान ने बनारस को चर्चा में ला दिया है। बनारस के कुछ युवाओं ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित न होने व बीते सत्तर सालों से उपेक्षा से आजिज होकर देश की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों का ही पिंडदान कर डाला। 

युवा जनशक्ति संगठन के बैनर तले अस्सी घाट पर जुटे युवाओं ने सभी राजनीतिक दलों पर युवाओं को छलने का आरोप लगाया। कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के बुजुर्ग युवाओं की राह रोक रहे हैं। कहा कि राजनीति में भी कोई युवा आगे बढ़ा तो उसके ऊपर वालों को बर्दाश्त नहीं हुआ। युवाओं का इशारा सपा के सियासी ड्रामे की ओर था। 

युवाजनशक्ति संगठन से जुड़े युवाओं ने पिंडदान कार्यक्रम के बाद अस्सी घाट पर ही बैठक की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का बाजारीकरण हो चुका है, माफिया रोजगार के संसाधन छीन ले रहे हैं। राजनीति में बाहुबलियों को संरक्षण मिलता है और उन्हें ही सरकार की सभी योजनाओं के ठेके जिससे पढ़े-लिखे नौजवानों को आगे बढऩे का मौका नहीं मिल रहा है। युवाओं ने राजनीति में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रस्ताव पारित किया। साथ ही युवाओं की एक पार्टी गठन करने की योजना बनाई।
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