बनारस में गर्भवती भैंस की हत्या, जानिए फिर क्या हुआ आगे

बनारस में गर्भवती भैंस की हत्या, जानिए फिर क्या हुआ आगे
killed buffalo file foto

पड़ोसी के खिलाफ सारनाथ थाने में दर्ज कराया मुकदमा

वाराणसी. आपको याद होगा कि प्रदेश सरकार के हैवीवेट मंत्री आजम खान की भैंस रामपुर से जब चोरी हुई थी तब कितना हायतौबा मचा था। अपराधियों के पीछे भागने वाली पुलिस ने भैंस की तलाश में दिन-रात एक कर दिया था। वाराणसी में तीन माह के भीतर पशुओं के चोरी-हत्या का दूसरा मामला सामने आया है। 


बनारस में शनिवार को सारनाथ पुलिस के सामने एक ऐसा मामला आया कि उसकी समझ में नहीं आया कि क्या करें। सारनाथ थाना क्षेत्र में एक पशुपालक ने पड़ोसी पर भैंस की हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दे डाली। भैंस चोरी का मुकदमा लिखने वाली पुलिस के पास कोई चारा नहीं था और उसे सारनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज करनी पड़ी। 

जानकारी के अनुसार सारनाथ थाना क्षेत्र के अकथा निवासी डब्बू राजभर पशुपालन के कारोबारा से जुड़े हैं। बकौल डब्बू उन्होंने दो माह पूर्व सत्तर हजार रुपये में एक भैंस खरीदी थी। गर्भवती भैंस की देखभाल में पूरा परिवार लगा हुआ था क्योंकि वह उनकी आजीविका का साधन था। 


डब्बू राजभर के पड़ोस में रहने संजय गुप्ता को पशुओं से चिढ़ थी। डब्बू से आए दिन संजय पशुओं को लेकर झगड़ा करता था। डब्बू का आरोप है कि जब वह भैंस खरीदकर लाया था तब से ही संजय की नजरों को खटक रहा था। कई बार उसने विवाद भी किया। डब्बू का आरोप है कि शुक्रवार की रात संजय ने चोरी से आटे में जहर मिलाकर भैंस को खिला दिया था।

शनिवार सुबह जब डब्बू पशुओं को चारा देने उठा तो देखा गर्भवती भैंस मृत पड़ी है। जहां भैंस मरी थी वहां पर आटा भी था। सारनाथ पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर भैंस का रविवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। 

भैंस को लेकर उत्तर प्रदेश का रिकार्ड भी बड़ा अजीबोगरीब है। आजम खान की भैंस चोर चुरा ले गए थे पिछले वर्ष जिसको लेकर यूपी से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में चर्चा का विषय था। पिछले वर्ष ही मई में यूपी के बरेली में आंवला क्षेत्र के बीजेपी विधायक धर्मपाल सिंह के फार्महाउस से बदमाश नौ भैंस चुरा ले गए थे। भैंसों की तलाश के लिए तीन थानों की फोर्स जुटी थी। 

बनारस भी इस मामले में कम नहीं है। कुछ माह पूर्व ही सारनाथ थाना क्षेत्र के पशु प्रेमी मनोज पांडेय का सांड बादशाह चोरी हो गया था। साड़ का पता लगाने वाले को पचास हजार रुपये ईनाम भी देने की घोषणा की गई थी। इलाके में जगह-जगह पोस्टर चस्पा किए गए थे। पुलिस ने पड़ताल की तब मालूम हुआ कि उक्त साड़ पशु तस्करों के हाथ लग गया था। 
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