बनारस में बुनकरों की मुर्री बंद, पावरलूम और हथकरघे खामोश, प्रियंका गांधी और अखिलेश ने भी दिया समर्थन

उत्तर प्रदेश के बुनकर पहले की तरह बिजली के फ्लैट रेट को बहाल करने को लेकर बीते एक अगस्त से प्रदेशव्यापी हड़ताल पर हैं। बनारस में भी बुनकरों ने हड़ताल कर परंपरागत मुर्री बंद का ऐलान कर दिया है। उनके इस आंदोलन का कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव का समर्थन भी मिला है।

वाराणसी. पहले की तरह बिजली के फिक्स चार्ज की मांग को लेकर हड़ताल पर गए बुनकरों को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों का साथ मिला है। एक तरफ प्रियंका गांधी ने फेसबुक और ट्वीटर पर बुनकरों की मांग कर समर्थन किया है तो दूसरी और सपा मुखिया अखिलेया यादव ने भी बुनकरों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। दोनों नेताआें ने ही सोशल मीडिया पर बनरस के बुनकरों के मामले को उठाया है। उधर वाराणसी में बुनकरों के मुर्री बंद के तीसरे दिन भी करघे और लूम खामोश रहे। बुनकरों ने कहीं जनसम्पर्क किया तो कहीं उपवास रखा।


बुनकरों के प्रदेश व्यापाी इस आंदोलन को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का साथ मिला है। प्रियंका ने ट्वीट कर लिखा है कि वाराणसी समेत पूरे यूपी के बुनकरों को भयानक संकट का सामना है। बावूद इसके सरकार ने न तो बिजली बिल के मुद्दे पर कोई बात सुनी है और न ही इस लाकडाउन से उपजे संकट से उबारने के लिए उन्हें कोई मदद की है। अपनी कला के जरिए पूरे विश्व में यूपी का नाम रोशन करने वाले बुनकर आज हड़ताल करने को मजबूर हैं। उन्होंने यूपी सरकार से मांग की है कि सरकार को बुनकरों की मांग सुननी चाहिए।


इसके पहले 18 अगस्त को भी प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया था कि मैंने 13 मई को यूपी सरकार को पत्र लिखकर बुनकरों का बिजली का बिल माफ करने व लाॅकडाउन से उपजे संकट में मदद के लिये प्रत्येक बुनकर परिवार को 12000 हजार रुपये प्रतिमाह देने का निवेदन किया था। बुनकरों की बुरी हालत को देखते हुए सरकार को तुरंत ये कदम उठाने चाहिये ताकि इस कला को बचाया जा सके।


उधर समाजवादी पार्टी की आेर से स्थानीय स्तर पर बुनकर बिरादराना तंजीम के सरदार से मुलाकात कर उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया। पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मनोज राय धूपचंडी खुद हाजी मुख्तार महतो से मिलने पहुंचे और उन्हें समर्थन दिया। इसके बाद अखिलेश यादव ने भी फेसबुक और ट्वीटर पर सरकार पर तंज कसते हुए लिखा 'बुनकर परेशान, सरकार अंजान’।


बताते चलें कि बुनकरों के आंदोलन में कांग्रेस बढ़चढ़कर हिस्सा ले रही है। उनके आंदोलन को अपना समर्थन देने खुद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू बनारस पहुंचे और पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता अजय राय समेत कांग्रेसियों के साथ बुनकरों के एक आयोजन में शामिल होकर उनकी लड़ाई लड़ने का वादा भी किया। उनके जाते ही अजय लल्लू व अजय राय समेत 10 नामजद व 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ महामारी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।


उधर बुनकरों के इस आंदोलन से जुड़े इशरात उस्मानी ने कहा कि नोटबंदी ने पहले ही बुनकरों की कमर तोड़ दी थी। रही सही कसर बुनकरों की बिजली का फिक्स चार्ज हटाकर सरकार ने कर दिया है। कारोबार पूरी तरह से रसातल में चला गया है। लाॅकडाउन से लेकर अब तक कारोबार बंद है। इस बीच सरकार का ये कदम बनारसी साड़ी व्यापार और बुनकरों के कारोबार को पूरी तरह से धराशायी कर देगा। पार्षद अफजाल अंसारी का कहना है कि बुनकरों को बिजली पर मिलने वाला फिक्स चार्ज बहाल नहीं होगा तो हमारा आंदाेलन और धरना प्रदशर्न चलता रहेगा।

 

वाराणसी बुनकर संघ के अध्यक्ष पार्षद रमजान अली कहते हैं कि सरकार को बुनकरों पर थोड़ा रहम करना चाहिये। मामूली कमाई में बुनकर हजारों रुपये बिजली का बिल कैसे दे पाएगा। सरकार से बुनकरों का फिक्स चार्ज फिर से बहाल करने की मांग की। बुनकरी के कारोबार से जुड़े पार्षद वकास अंसारी ने भी कहा कि बुनकर अपने हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हमारी बातों को सुने और समझे।

Congress
रफतउद्दीन फरीद
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