'शब्द संचार' के लिए प्रो. ओम प्रकाश सिंह को राज्यपाल राम नाईक ने किया सम्मानित

प्रदेश के 68 साहित्यकार एवं लेखकों को उनके उत्कृष्ठ लेखन के लिए दिया गया सम्मान

By: Ashish Shukla

Updated: 30 Dec 2018, 11:21 PM IST

वाराणसी. उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ के 42 स्थापना दिवस पर रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के हिंदी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक प्रो. ओम प्रकाश सिंह को राज्यपाल ने सम्मानित किया । यह सम्मान उन्हे पत्रकारिता विधा के अंतर्गत उनकी पुस्तक शब्द संचार के लिए दिया गया। बाबू विष्णुराव पराड़कर नामित यह पुरस्कार देते हुए राज्यपाल राम नाईक ने प्रो. ओम प्रकाश सिंह को प्रशस्ति पत्र व 75 हजार रूपये की धनराशि भेंट की। इसके साथ की यह सम्मान प्रदेश के 68 साहित्यकार एवं लेखकों को उनके उत्कृष्ठ लेखन के लिए दिया गया है।

बता दें कि प्रो. ओम प्रकाश सिंह द्वारा लिखित शब्द संचार पुस्तक 2017 में छात्रों के बीच आई थी। यह पुस्तक पत्रकारिता विधा की नई चुनौतियों के साथ ही शब्द और संचार के परस्पर सम्बन्धो को रेखांकित करती है। पुस्तक में प्रमुख रूप से शब्द और संचार में भेद को समझाया गया है। इस बात पर भी बल दिया गया है कि शब्द सिर्फ ढाई अक्षरों का मेल अथवा समन्वय मात्र नहीं है। इसी शब्द से ही व्याकरण एवं समाज का आधार बनता है।

 

शब्द ही श्रृष्टि और शब्द ही ब्रह्मा- ओपी सिंह
राज्यपाल के हाथों सम्मान मिलने के बाद पत्रिका से बातचीत में प्रो. ओपी सिंह ने कहा कि हमारे छात्रों को इस बात पर विशेष ध्य़ान देना होगा कि शब्द ही सर्वस्व है, शब्द ही श्रृष्टि और शब्द ही ब्रह्मा है। इसलिए इसकी उपयोगिता कहां कैसे की जाय उसका विशेष ध्यान देना होगा। साथ ही उन्होने समाज मे लेखकों के बारे में भी चर्चा करते हुए कहा कि हमारा समाज परंपरागत समाज है। आज के तकनीकी युग में हमें अपनी परंपराओं का भी खयाल रखना होगा, उपन्यास, पद्य, गद्य, कहानियां समेत समाज के लिए वो रचनाएं और लेखनी जो हमें प्रेरित करें उस पर हमें अधिक बल देना होगा ताकि हम भारत की आत्मा को सबल बनाने में पीछे न हटें। इसलिए आज के लेखकों की जिम्मेदारी है कि उन बातों पर अधिक ध्यान केन्द्रित करें जिसे हमारे समाज का उत्तरोत्तर उन्नयन हो सके।

Ashish Shukla
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