सीमए अखिलेश का नहीं इस राज्यमंत्री का यहां चलता है सिक्का

वाराणसी के अधिकतर विकास कार्यों से मुख्यमंत्री अखिलेश का रहता है नाम गायब

वाराणसी. उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया के परिवार में चल रही रस्साकशी आज की नहीं है। अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही परिवार और पार्टी में एक लाइन खींच गई थी। लाइन के एक तरफ अखिलेश यादव व उनके समर्थक तो दूसरी तरफ सूबे की कमान संभालने का सपना लिए चाचा शिवपाल यादव। 

सपा के नए प्रदेश अध्यक्ष व कई विभागों के मंत्री शिवपाल यादव के करीबी सिंचाई एवं लोक निर्माण राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल शायद भूल चुके हैं कि फिलहाल लोक निर्माण विभाग  मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास है। शायद इसीलिए अब भी सरकारी कार्यों के लोकापर्ण के दौरान लगने वाले शिलापट्टों से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का नाम गायब रहता है। मजेदार बात यह कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी यह मालूम है कि वह लगातार भूल कर रहे हैं लेकिन न जाने किस दबाव में यहां सिर्फ सुरेंद्र पटेल का नाम ही अंकित रहता है। 

जिलाध्यक्ष से विवाद, कंबल वितरण के दौरान मारपीट समेत अक्सर चर्चा में रहने वाले सिंचाई एवं लोक निर्माण राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल ने सड़क निर्माण से लगायत अन्य कार्यों का लोकापर्ण किया था। एक दर्जन से अधिक शिलापट्ट मौजूद थे लेकिन उसमें सिर्फ और सिर्फ सिंचाई राज्यमंत्री का ही नाम छाया था। सूबे के मुख्यमंत्री जिनके पास लोक निर्माण विभाग भी है, का नाम इस बार भी गायब था। तस्वीर को आप जूम करके देख सकते हैं कि सुरेंद्र पटेल ने जिन योजनाओं का लोकापर्ण किया उनमें से किसी भी शिलापट्ट में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का नाम नहीं था। 

उत्तर प्रदेश शासन की ओर से पूर्व में सभी सरकारी विभागों को पत्र जारी किया गया था कि प्रदेश में यूपी सरकार की तरफ से संचालित सभी योजनाओं में सबंधित मंत्री के साथ ही मुख्यमंत्री का भी नाम शिलापट्ट पर अंकित होगा।  

सरकारी आदेश का शायद वाराणसी के अधिकारियों पर असर नहीं पड़ता या फिर मंत्री का कुछ ऐसा खौफ है कि अधिकारी भी शिलापट्ट के खेल में शामिल हो गए हैं। इस बाबत जब लोक निर्माण विभाग के अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने शासनादेश का तो जिक्र किया लेकिन स्थानीय राज्यमंत्री को लेकर पूछे गए सवाल को टाल गए। 

जबकि शिवपाल के ही खास और करीबी माने जाने वाले पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने एक दिन पूर्व सारनाथ में पर्यटक आवास गृह का उद्घाघटन किया था जिसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का नाम सबसे ऊपर था। तस्वीरों में आप देख सकते हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या सिंचाई राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल सिर्फ अपने प्रचार-प्रसार के लिए मुख्यमंत्री की अवहेलना कर रहे हैं या फिर जानबूझकर ऐसा दिखाया जा रहा है। 
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Vikas Verma
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