सुनो, कह देना राजा भइया एक लाख से चुनाव जीत गए हैं

सुनो, कह देना राजा भइया एक लाख से चुनाव जीत गए हैं

1993 के बाद अब तक की राजा भइया की सबसे बड़ी जीम।

वाराणसी. लहर चाहे जो भी हो, राजा भइया हर हाल में जीतेंगे, उनकी जीत कोई रोक नहीं सकता। पत्रिका ने जब ग्राउंड रिपोर्ट की थी तो कुण्डा विधानसभा में राजा भइया के समर्थकों ने ऐसे ही ललकार के दावा किया था। उनका दावा सही निकला और मोदी लहर के बावजूद बाहुबली राजा भइया सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक लाख तीन हजार वोटों से चुनाव जीत गए।



राजा भइया के जीतने में हालांकि किसी को संशय नहीं था, न राजनीतिक पण्डितों को और न ही उनके समर्थकों को। उन्हें लेकर अगर किसी बात की चर्चा की जा रही थी तो यही कि जीत का अंतर क्या होगा। वह जीते और इस बार एक लाख तीन ह5जार से जीते तो उनके समर्थकों में जबरदस्त जोश और उत्साह रहा। जीत का जश्न मना रहे एक समर्थक ने कहा श्  सुनो, कह देना कि राजा भइया एक लाख से चुनाव जीत गए हैं।श्



राजा भइया यूपी चुनाव 2017 एक लाख तीन हजार वोटों से जीत गए हैं। उनके मुकाबले बीजेपी के जानकी शरण को 32, 905 वोट ही मिले। तीसरे नंबर पर बहुजन समाज पार्टी के परवेज अख्तर रहे, जिन्हें 17,261 वोट मिले। राजा भइया 1993 में कुण्डा से निर्दलीय जीते तो इसके बाद उन्होंने कभी हार का मुंह नहीं देखा।



हर बार राजा भइया का जीत का अंतर लगातार बढ़ता रहा। पहला चुनाव उन्होंने 67,287 वोटों से जीता। दूसरे चुनाव में भी यह अंतर बढ़ता रहा। 2017 का चुनाव आया तो यह अंतर बढ़कर एक लाख तीन हजार तक पहुंच गया। 1993 में जहां उन्हें 64 प्रतिशत वोट मिले तो 1996 में यह बढ़कर 79.96 प्रतिशत तक जा पहुंचा। 2002 में भी प्रतिशत बढ़ा और वह 82.13 प्रतिशत वोट पाकर जीते तो सिर्फ 2012 में उनका वोट प्रतिशत घटकर 67.96 प्रतिशत रहा।




राजा भइया के पिछले चुनाव के आंकड़े

विधानसभा चुनाव 1993
राजा भइया (निर्दल)- 89,473
ताहिर हसन (सपा)- 22,186


विधानसभा चुनाव 1993
राजा भइया (निर्दल)- 98,700
शिव नारायण मिश्रा (बीजेपी)- 17,595


विधानसभा चुनाव 2002
राजा भइया (निर्दल)- 88,446
मो. शमी (सपा)- 6,768


विधानसभा चुनाव 2007
राजा भइया (निर्दल)- 73,732
शिव प्रकाश मिश्रा (सपा)- 20,604


विधानसभा चुनाव 2012
राजा भइया (निर्दल)- 1,11,392
शिव प्रकाश मिश्रा (बसपा)- 20,604
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