गौरव हत्याकांड में नाम आने के बाद BHU की चीफ प्रॉक्टर का इस्तीफ मंजूर

गौरव हत्याकांड में नाम आने के बाद BHU की चीफ प्रॉक्टर का इस्तीफ मंजूर
प्रो रोयाना सिंह

Ajay Chaturvedi | Updated: 30 Apr 2019, 05:54:56 PM (IST) Varanasi, Varanasi, Uttar Pradesh, India

- विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक स्वास्थ्यगत कारणों से रोयाना सिंह ने दिया है इस्तीफा
-कुलपति ने डिप्टी चीफ प्रॉक्टर श्रद्धा सिंह को सौपा कार्यभार

वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र गौरव सिंह हत्याकांड में नाम आने और नामजद एफआईआर दर्ज होने के करीब महीने भर बाद चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह ने पद से इस्तीफा दे दिया है। कुलपति प्रो राकेश भटनागर ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और डिप्टी चीफ प्रॉक्टर प्रो श्रद्धा सिंह को चीफ प्रॉक्टर का कार्यभार सौंप दिया है।

बता दें कि गत 02 अप्रैल को गौरव सिंह को बदमाशों ने बीएचयू परिसर स्थित बिड़ला छात्रावास के गेट पर गोलियों से छलनी कर दिया था। गंभीर रूप से घायल गौरव की ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान उसी दिन देर रात मौत हो गई थी। उसके बाद गौरव के पिता ने लंका थाने में जो एफआईआर दर्ज कराया उसमें चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह का नाम भी था। चीफ प्रॉक्टर पर साजिशकर्ता का आरोप लगाया गया था। उसी दौरान एक अन्य आरोपी के फेसबुक एकाउंट की एक पोस्ट भी चीफ प्रॉक्टर ने वायरल की थी। इस मामले में लंका पुलिस भी चीफ प्रॉक्टर का बयाना लेना चाह रही थी लेकिन विदेश में होने के चलते अब तक बयान दर्ज नहीं हो सका है।

इस पूरे घटनाक्रम में बीएचयू के पीआरओ डॉ राजेश सिंह ने बताया कि गत 24 अप्रैल को ही चीफ प्रॉक्टर प्रो रोयना सिंह ने कुलपति प्रो भटनागर से खुद को इस पद से रिलिव करने का आग्रह किया था। इसके साथ ही वह छुट्टी पर चली गईं। कुलपति ने उसी दिन अग्रिम आदेश तक डिप्टी चीफ प्राक्टर प्रो. श्रद्धा सिंह को चीफ प्राक्टर पद का निर्वहन करने को कहा था।

डॉ सिंह ने बताया कि 29 अप्रैल को कुलपति के निर्देश पर ज्वाइंट रजिस्ट्रार ने प्रो रोयाना सिंह को चीफ प्रॉक्टर के पद से मुक्त करते हुए प्रो श्रद्धा सिंह को यह कार्यभार सौंपने का आदेश जारी कर दिया।

बता दें कि सितंबर 2017 में छात्रा की छेड़खानी के बाद उपजे विवाद के बाद तत्कालीन कुलपति प्रो जीसी त्रिपाठी ने 28 सितंबर 2017 को प्रो रोयाना सिंह को चीफ प्रॉक्टर बनाया था। लेकिन तब से लगातार वह विवादों में बनी रहीं। उनके खिलाफ तमाम धरना प्रदर्शन हुए। लेकिन वह अपने पद पर बनी रहीं।

 

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