पोर्न के बाजार में रेप के वीडियो की कीमत 50 रुपये

पोर्न के बाजार में रेप के वीडियो की कीमत 50 रुपये
police raid

एंड्राएड फोन की गैलरी में पोर्न की भरमार

वाराणसी. उत्तर प्रदेश पुलिस को चौंकाने वाली जानकारियां मिली है। उत्तर प्रदेश में हाल में हुए कई रेप के मामलों के वीडियो क्लिप बाजार में सीडी से लेकर एंड्राएड फोन की गैलरी में मौजूद हैं। इनमें रेप के कई ऐसे मामले हैं जो पुलिस तक पहुंचे ही नहीं हैं।  सूबे के आला अफसरों के एंड्राएड फोन तक रेप के वीडियो के क्लिप पहुंचे तो होश फाख्ता हो गए। फिलहाल पुलिस इस मामले में फास्ट तो हुई है लेकिन बहुत देर से। बुलंदशहर समेत पश्चिम यूपी और देश के विभिन्न हिस्सों में हाल के दिनों में हुए बलात्कार के वीडियो की सीडी तैयार कर बेची जा रही है। 

रेप के वीडियो की कीमत पचास रुपये है जो खुलेआम बाजारों में बिक रही है। सूत्र बताते हैं कि वीडियो तैयार करने वाले शख्स को रेप के वीडियो की कीमत बीस से पच्चीस हजार रुपये मिलती है। सूबे के एक आला अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर स्वीकारते हैं कि एंड्राएड फोन के बाजार में आने से पोर्न साइट देखने वालों की संख्या में बेहिसाब बढोतरी हुई है। विदेशी पोर्न मूवीज अच्छे दामों पर बिकती है। 


रेप की घटनाओं में हुई वृद्धि के पीछे कहीं न कहीं पोर्न इंड्रस्टी काम कर रही है। युवाओं को एक एमएमएस तैयार करने के लिए पोर्न साइट्स वीडियो की क्वाविलिटी और पीडि़ता के चेहरे-मोहरे के हिसाब से रुपये देती है। इंटरनेट पर तमाम पोर्न वेबसाइट उपलब्ध हैं जहां बस आपको इंडियन रेप एमएमस लिखने की देरी है, हजारों क्लिपिंग इन साइट्स पर उपलब्ध हैं। बुलंद शहर रेप कांड के पीछे भी कहीं न कहीं वहशी दरिंदों का दिमाग यहीं काम कर रहा था। 


बुलंद शहर रेपकांड का वीडियो वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी की गई। वाराणसी में पुलिस को छापेमारी में 25 हजार से अधिक पोर्न सीडी के साथ ही पायरेटेड सीडी तैयार करने की मशीनें मिली जिन्हें जब्त कर लिया गया है। कोई शक नहीं कि पुलिस को इस कारोबार की जानकारी पहले से ही थी लेकिन जब तक ऊपर से आदेश नहीं चलता सब आंखें मूंद तमाशा देखते रहते हैं। वाराणसी में तैनात एक सीओ ने बताया कि अक्सर वाहन चेकिंग के दौरान युवाओं के एंड्राएड फोन चेक करते हैं तो गैलरी में पोर्न क्लिपिंग की भरमार रहती है। 


पोर्न के शौकीनों की लिस्ट में सिर्फ युवा ही नहीं है। पुलिस के अनुसार चेकिंग के दौरान कई सभ्रांत नागरिकों, डाक्टर से लेकर तमाम सभ्रांत वर्ग से लगायत पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन की गैलरी में पोर्न क्लिपिंग मिल जाएगी। इसे रोकना वश में नहीं जब तक इंटरनेट को लेकर सरकार कोई सख्त कानून नहीं बनाती। 
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