बीजेपी ने सपा के अकेले बचे पद पर भी किया कब्जा, नगर निगम चुनाव से पहले अखिलेश को झटका

बीजेपी ने सपा के अकेले बचे पद पर भी किया कब्जा, नगर निगम चुनाव से पहले अखिलेश को झटका
Akhilesh Yadav

Devesh Singh | Updated: 17 Nov 2017, 03:52:39 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में साफ हुई सपा, जानिए क्या है कहानी

वाराणसी. नगर निगम चुनाव से पहले ही पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में पूर्व सीएम अखिलेश यादव को सबसे तगड़ा झटका लगा है। बीजेपी ने ऐसा दांव चला कि सपा के एक मात्र पद पर भी भगवा का कब्जा हो गया है। बीजेपी ने चुनाव से पहले सपा को सबसे तगड़ी पटखनी दी है।
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यूपी चुनाव में जीतने के बाद से बीजेपी ने सपा के पदाधिकारियों को घेरने की खास रणनीति बनायी है, जिस पर उसे सफलता मिल रही है। पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस पर बीजेपी की विशेष निगाह रहती है। बनारस के सांसद खुद पीएम मोदी है, जबकि आठ विधानसभा सीटों पर बीजेपी व उसके सहयोगी दल के विधायक ने चुनाव जीता है। यूपी चुनाव के बाद बनारस से बसपा साफ हो गयी थी और सपा के पास एक मात्र बड़ा पद जिला पंचायत अध्यक्ष ही बचा था जिस पर अपराजिता सोनकर ने चुनाव जीता था। सपा के तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव के कहने पर ही अपराजिता सोनकर को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का टिकट मिला था और उन्हें चुनाव जीताने के लिए सपा ने सारी ताकत लगा दी थी बाद में अपराजिता सोनकर ने चुनाव जीत कर अपना परचम लहराया था। अपराजिता सोनकर लगातार कहती थी कि उनकी आस्था अखिलेश यादव की पार्टी में है, लेकिन अचानक ऐसा कुछ हुआ कि उन्हें भी पार्टी बदलनी पड़ गयी।
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Aprajita Sonkar
IMAGE CREDIT: Patrika

बीजेपी सरकार में गिर गया था अपराजिता सोनकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार में अपराजिता सोनकर के खिलाफ बीजेपी समर्थकों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था जो गिर गया था उसके बाद अपराजिता सोनकर की ताकत बढ़ गयी थी। एक साल तक अपराजिता सोनकर की कुर्सी पर किसी तरह का खतरा नहीं था इसके बाद भी उन्होंने बीजेपी ज्वाइन करके सपा को सबसे तगड़ा झटका दिया है। इसके बाद बनारस में सपा के पास बड़ा पद नहीं बचा है। सपा के पास अब ग्रामीण क्षेत्र में छोटे पदों पर ही नेता बचे हुए हैं।
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नगर निगम चुनाव में हो सकता है बीजेपी को बड़ा लाभ
बनारस मेयर पद पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित है ऐसे में अपराजिता सोनकर के बीजेपी में आने से बीजेपी को बड़ा लाभ होगा। बीजेपी में महिलाओं की भागीदरी बढ़ी है जिसका फायदा नगर निगम चुनाव में हो सकता है।
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