वाराणसी. सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षक, कर्मचारी व छात्रों का आंदोलन जारी है। शुक्रवार को छात्रों ने वीसी प्रो.यदुनाथ प्रसाद दुबे के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। जबकि कर्मचारियों ने मानदेय व वेतन के लिए वीसी आवास व परिसर में जूता पॉलिश करके पैसे जमा किये। वीसी ने सभी लोगों से आंदोलन खत्म करने की अपील की है, जिसका अधिक लाभ होता नजर नहीं आ रहा है। सम्पूर्ण प्रकरण पर राज्यभवन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सप्ताह भर से परिसर में आंदोलन चल रहा है और अभी तक राज्यभवन ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
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परिसर में आंदोलन के चलते सारा काम ठप पड़ गया है। कार्यालय खुल नहीं रहे हैं और कक्षाओं का संचालन भी नहीं हो रहा है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में होने वाले दीक्षांत समारोह पर संशय के बादल छा गये हैं। शुक्रवार को छात्र व कर्मचारियों ने आंदोलन के तरीकों में बदलाव कर दिया। छात्रों ने वीसी को सद्बुद्धि देने की मांग को लेकर बुद्धि-शुद्धि यज्ञ कर दिया। कर्मचारी भी कहा पीछे हटने वाले थे। कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए धन जुटाने के मकसद से जूता पॉलिश की। परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स तैनात है और कर्मचारियों ने पुलिस के जूते भी पॉलिश करने पहुंचे थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें अपना जूता पॉलिश नहीं करने दिया।
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आखिरकार राज्यभवन क्यों नहीं ले रहा परिसर की सुध
राज्यपाल राम नाइक खुद काशी आये थे और उन्हें परिसर की स्थिति पता है। राज्यपाल ने अपने ओएसडी को जांच के लिए भेजा था। ओएसडी भी जांच करके राज्यभवन जा चुके हैं उसके बाद भी परिसर को लेकर राज्यभवन से निर्देश नहीं आये हैं। परिसर में आंदोलन की जड़ में नियुक्ति है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि राज्यभवन को लगता है कि नियुक्ति में नियमों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है तो नियुक्ति रोक दी जाये। राज्यभवन नियुक्ति को नहीं रोकता है तो हम कैसे रोक सकते हैं। राज्यभवन की शिथिलता परिसर के शैक्षिक सत्र पर भारी पड़ती जा रही है।
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