संस्कृत विश्वविद्यालय में अवकाश में भी आंदोलन जारी, शासन ने जारी किया अनुदान

Devesh Singh

Publish: Oct, 12 2017 05:29:32 (IST)

Varanasi, Uttar Pradesh, India
संस्कृत विश्वविद्यालय में अवकाश में भी आंदोलन जारी, शासन ने जारी किया अनुदान

छात्रावास की खराब स्थिति का बनाया गया वीडियो, जानिए क्या है कहानी

वाराणसी. सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में अवकाश के दिन भी शिक्षक, कर्मचारी व छात्रों का आंदोलन जारी रहा। परिसर में छात्रों के दो गुटों ने आंदोलन किया हुआ है। एक गुट ने परिसर को दलालों से आजाद करने की मांग की है तो दूसरे गुट ने छात्रावास की खराब स्थिति का वीडियो बना कर वहां की स्थिति से सबको अवगत कराया है। गुरुवार को विश्वविद्यालय प्रशासन को थोड़ी राहत मिल गयी है और शासन ने अनुदान के तौर पर लगभग पांच करोड़ रुपये जारी कर दिये हैं, जिससे कर्मचारियों का वेतन जारी हो सकता है।
यह भी पढ़े:-यूपी के कैबिनेट मंत्री का बड़ा बयान, कहा मैने जाति के आधार पर बनवाया थानेदार



संस्कृत विश्वविद्यालय में गुरुवार को अष्टमी को साप्ताहिक अवकाश था इसके बाद भी परिसर में आंदोलन जारी रहा। छात्रों के एक गुटों ने परिसर को दलालों से मुक्त करने के लिए मुंह में काली पट्टी बांध कर धरना दिया है तो दूसरी तरफ छात्रसंघ की निर्वतमान अध्यक्ष प्रिया चौबे के नेतृत्व में छात्रों का एक गुट धरना दे रहा है। छात्रों का आरोप है कि छात्रावास की स्थिति बेहद दयनीय है। छात्रावास में आधारभूत सुविधाओं का सख्त आभाव है। छात्रावास के चारों तरफ गंदगी है सड़क खस्ताहाल है, स्थिति ऐसी हो गयी है कि छात्रावास में रहने वाले छात्र बीमार हो सकते हैं। छात्रों ने छात्रावासों की सुविधा में सुधार नहीं होने तक आंदोलन करने का ऐलान किया है। परिसर में शिक्षक व कर्मचारियों ने भी अपना आंदोलन जारी रखा है। कांग्रेस के नेता विजय शंकर पांडेय भी धरनास्थल पर पहुंचे थे और कहा था कि जो शिक्षक कक्षा नहीं ले रहे हैं विश्वविद्यालय प्रशासन को उनसे स्पष्टीकरण लेना चाहिए। संबद्ध महाविद्यालय के शिक्षकों ने कुलपति के समर्थन में धरना दिया है।
यह भी पढ़े:-अयोध्या में प्रभु श्रीराम की मूर्ति लगाने पर मंथन, महिला आरक्षण से जरूरी छात्राओं को प्रोत्साहन देना

संस्कृत विश्वविद्यालय में आंदोलन जारी
IMAGE CREDIT: Patrika

शासन ने जारी किया अनुदान, मिलेगा वेतन
शासन से लगभग पांच करोड़ रुपये का अनुदान जारी हो गया है, जिससे कर्मचारियों को वेतन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। कर्मचारियों ने वेतन के साथ सातवे वेतन आयोग की मांग की है, जिस पर निर्णय होने की संभावना कम है इसलिए इस बात की गारंटी नहीं है कि वेतन मिलने के बाद भी कर्मचारी अपना आंदोलन खत्म करेंगे।
यह भी पढ़े:-सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वीसी व शिक्षकों में नोकझोंक, आंदोलन जारी

शासन से वीसी को आया फोन, राज्यभवन पर लगी सबकी निगाहे
शासन से वीसी प्रो.यदुनाथ प्रसाद दुबे को फोन आया था और कुलसचिव प्रभाष द्विवेदी को पद से हटाने का कारण पूछा गया था, जिस पर वीसी ने कहा था कि प्रभाष द्विवेदी दोपहर तीन बजे कार्यालय आते हैं कार्य में सहयोग नहीं करते हैं। दूसरी तरफ प्रभाष द्विवेदी का दावा है कि शासन ने वीसी से नियुक्ति रोकने को कहा है। वीसी प्रो.यदुनाथ प्रसाद दुबे ने शासन से नियुक्ति रोकने की बात को गलत बताया है। वीसी ने कहा कि शासन ने ऐसा कुछ नहीं किया है। विश्वविद्यालय की घटना को लेकर अब सबकी निगाहे राज्यभवन पर लग गयी है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में नियुक्ति करने की तैयारी की है। अब देखना है कि राज्यभवन से क्या निर्देश आता है।
यह भी पढ़े:-अपना दल व सुभासपा में कौन पड़ेगा बीजेपी पर भारी

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned