सफाई सर्वेक्षण से पहले नगर निगम को लग सकता एक और झटका

सफाई सर्वेक्षण से पहले नगर निगम को लग सकता एक और झटका
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अब सफाई कर्मियों ने दी हड़ताल की चेतावनी

वाराणसी. सफाई सर्वेक्षण से पहले पीएम नरेन्द्र मोदी की काशी में नगर निगम की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले स्वच्छता ऐप फिर नगर निगम की सदन की विशेष बैठक स्थगित हो गया और अब सफाई कर्मियों ने हड़ताल की चेतावनी दी है। नगर निगम के सफाई कर्मियों ने सफाई व्यवस्था ठप करने की चेतावनी दी है। बता दें कि सफाई कर्मियों के इस चेतावनी से नगर निगम की परेशानी और बढ़ेगी क्योंकि नये साल के पहले महीने में ही देश भर में सफाई सर्वेक्षण होने वाला है। 


सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन पहले से काम कर रहे संविदा कर्मियों की अनदेखी कर रहा है। उनका अरोप है प्रशासन पहले से काम कर रहे संविदा कर्मियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए नई भर्ती के लिए इंटरव्यू शुरू कर दिया है। वहीं नगर निगम के तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि साक्षात्कार शुरू कर दिया गया है और निगम के आउटसोर्सिग पर रखे गये कर्मचारियों को इसमें प्राथमिकता दी जा रही है। बता दें कि नगर निगम प्रशासन 452 भर्तियों के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू कर दिया है। 



उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ की कबीरचौरा स्थित कार्यालय में रविवार को बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि नगर निगम प्रशासन की उदासीनता के कारण संविदा कर्मी बहुत परेशान हैं। नगर निगम में संविदा कर्मियों को दो तरह का वेतन दिया जाता, जिसमें 698 को 15700 और 431 को सिर्फ 4200 रुपये प्रति महीना दिया जाता है। वक्ताओं ने बताया कि पिछले दिनों नगर निगम के सदन में 4200 रुपये वेतन को भी 15700 रुपये वेतन देने की मंजूरी दी गई थी और इसे स्वीकृति के लिए इसे शासन के पास भेजा गया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। वहीं इस पर आगे की रणनीति बनाने के लिए संघ ने 26 दिसंबर को शहीद उद्यान में बैठक बुलाई है। 
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