सुर साधना में डूबा संकट मोचन दरबार, देखें वीडियो

 सुर साधना में डूबा संकट मोचन दरबार, देखें वीडियो
Sankat Mochan Sangit Samaroh

डाॅ. पद्मजा के कुचीपुड़ी नृत्य से हुआ आगाज, पंडित विश्वनाथ के सुरों ने बांधी समां।

डाॅ. अजय कृष्ण चतुर्वेदी

वाराणसी. संकट मोचन दरबार में शनिवार की शाम सजी सुर व संगीत की महफिल। इसका आगाज किया डा पद्मजा रेड्डी ने कुचीपुड़ी नृत्य से। सबसे पहले उन्होंने शिव आराधना की प्रस्तुति दी। फिर सीता स्वयंवर, शक्ति आराधना पेश किया। इसके बाद उनकी शिष्या योगा, तेजू और कैथी ने गणेश वंदना व मिलाना पेश किया।


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पहली निशा की दूसरी प्रस्तुति दी दिल्ली से पधारे पंडित विश्वनाथ ने। उन्होंने राग अभोगी में बंदिश प्रस्तुत किया जिसके बोल थे, ‘तन मन तोहें वारूं।’ फिर ठुमरी मिश्र पहाड़ी धुन की बंदिश की प्रस्तुति दी जिसके बोल थे, ‘लागी रे मनवा में चोट।’ अंत में हनुमान भजन, राम नाम सुनेंगे, श्याम नारायण सुनेंगे, बोल तुझे क्या चाहिए हनुमान जी सुनेंगे। पंडित विश्वनाथ के साथ तबले पर उस्ताद नासिर खान, हारमोनियम पर पंडित धर्मनाथ मिश्र और सारंगी पर उस्ताद एहसान अली ने संगत दी।



Sankat Mochan Sangit Samaroh
जयपुर घराने के अहमद हुसैन व मोहम्मद हुसैन




Sankat Mochan Sangit Samaroh
गजल गायिका चित्रा सिंह

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