वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में गुरुवार को एससी/एसटी एक्ट का जमकर विरोध किया गया। हाईवे जाम कर लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराया तो कुछ ने पीएम मोदी का ही पुतला फूंका दिया। संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रों ने कुछ देर के लिए सड़क भी जाम किया। आंदोलनकारियों में कुछ अराजक तत्व भी शामिल हो गये थे जिन्होंने दुकानदारों से मारपीट की। साथ ही बस पर पत्थर भी फेंके। अन्य लोगों ने ऐसे लोगों को समझा का आंदोलन का स्वरुप बिगडऩे नहीं दिया। पुलिस ने भी बेहद संयम का परिचय देते हुए स्थिति का सामान्य बनाये रखा।
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एससी/एसटी एक्ट के विरोध का केन्द्र जिला मुख्यालय बना रहा। यहां पर वकीलों से लेकर अन्य लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। यूपी कॉलेज के छात्रों ने भी आंदोलन को समर्थन देकर उसकी ताकत बढ़ा दी। यूपी कॉलेज के छात्रों ने परिसर के आस-पास की दुकानों को बंद करा दिया। अधिवक्ताओं ने डीएम के पोर्टिको में जाकर नारेबाजी की। साथ ही अन्य लोगों ने कचहरी में ही अपनी शर्ट उतार कर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ लोगों ने एनएच-२ को जाम कर दिया। बाबतपुर के पास टायर तक चलाये गये। एक-दो जगहों पर बस पर पथराव की भी सूचना है। बीएचयू के छात्रों ने सबसे पहले आंदोलन की शुरूआत की और सुसवाही में जाम लगा दिया। दोपहर तक आंदोलन में तेजी देखी गयी उसके बाद मामाला ठंडा होता गया। आंदोलन में शामिल होकर बीजेपी समर्थकों ने पीएम मोदी की परेशानी बढ़ा दी है। लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए सवर्ण व पिछड़े वर्ग की नाराजगी बढ़ती जा रही है जो बीजेपी पर भारी पड़ सकती है।
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