खाकी वर्दी में भेड़िया, महिला सिपाही पर डाली गन्दी निगाह

खाकी वर्दी में भेड़िया, महिला सिपाही पर डाली गन्दी निगाह
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सत्ता की हनक में पुलिस ने आरोपी की तहरीर पर पीड़िता के ही खिलाफ दर्ज किया मुकदमा

वाराणसी. अखिलेश सरकार जो महिलाओं की सुरक्षा का दम्भ भरती है और वाराणसी पुलिस के लिए इससे अधिक शर्मसार घटना हो ही नहीं सकती। शराब के नशे में चूर सिपाही ने पहले महकमे की ही मृतक आश्रित महिला सिपाही संग छेड़खानी की और विरोध करने पर उसके बेटे संग मारपीट की। मामला संज्ञान में आने पर आला संवेदनहीन अधिकारियों ने सिपाही के खिलाफ एक्शन लेने की हिम्मत नहीं जुटाई क्योंकि सिपाही यादव जाति का था। कैंट पुलिस ने यादव सिपाही को बचाने के लिए उसकी रिपोर्ट दर्ज कर ली जबकि विभाग की ही वह महिला आरक्षी जिसने अपने पति को खोने के बाद यह सोचकर नौकरी कि ताकि उसका जीवन सुरक्षित रहे लेकिन उसे नहीं पता था कि उसके महकमे के ही लोग नाइंसाफी करेंगे। 

जानकारी के अनुसार जनपद के चौबेपुर थाने मे तैनात महिला आरक्षी पुलिस लाईन के सरकारी आवास मे रहती है। आरोप है कि महिला आरक्षी के बगल के कमरे मे रह रहे सारनाथ थाने मे तैनात सिपाही हरेन्द्र यादव ने बीती रात महिला को शराब के नशे मे धुत्त होकर अनावश्यक रूप से गाली गलौज देते हुए घर मे घुसकर छेड़खानी करने लगा। मारपीट व शोर गुल सुनकर महिला आरक्षी का लड़का बचाने आया तो उसे भी सिपाही हरेन्द्र यादव ने जमकर पीट दिया  जिससे उसका सिर  फुट गया।
वही सत्ता की हनक होने के कारण कैंट थाने पर तैनात एक दरोगा की शह पर फर्जी रूप से हरेन्द्र यादव सिपाही की तहरीर पर धारा 323, 504, 506, 452, 427 के तहत मुकदमा भी कैंट थाने मे पंजीकृत करवा दिया गया।  मंगलवार शाम को जब महिला आरक्षी अपने बेटे का मेडिकल मुवायना करवा कर कैन्ट थाने पर आयी तो उसका मुकदमा भी नही दर्ज हुआ। बल्कि कैन्ट थाने पर तैनात एक दरोगा ने उल्टे ही उस महिला के आरक्षी के बेटे को बन्द करने लगा। महिला आरक्षी मे जब कैंट थाने मे हंगामा मचाना चालू किया तो कैन्ट पुलिस ने उसके बेटे को बन्द कर दिया। थाने में तैनात मुंशी ने जब देखा कि उसके विभाग के लोग अत्याचार की हद पार कर रहे हैं तब उसने महिला सिपाही के घायल बेटे को छोड़ दिया।
वही दूसरी तरफ महिला आरक्षी देर रात तक कैंट थाने मे आरोपी सारनाथ थाने पर तैनात आरक्षी हरेन्द्र यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के लिये डटी रही लेकिन देर रात तक महिला आरक्षी की न तो तहरीर ही ली गयी और न ही उसका मुकदमा कायम कैंट पुलिस ने किया।

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