काशी विश्वनाथ कॉरिडोर उतरने लगा जमीन पर, धार्मिक और सांस्‍कृतिक स्‍वरूप का लेने लगा आकार

कॉरीडोर के अंतर्गत घाट व जेट्टी का विकास कार्य मंदिर चौक, मंदिर परिसर, यात्री सुरक्षा केंद्र नंबर तीन, यात्री सुरक्षा केंद्र नंबर दो, स्प्रिचुअल बुक स्टोर, जलपान केंद्र का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है

By: Karishma Lalwani

Updated: 10 May 2020, 12:38 PM IST

वाराणसी. पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर अब जमीन पर उतरने लगा है। लॉकडाउन तीन के बाद एक बार फिर सब शुरू हुआ इसका निमार्ण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। कॉरिडोर के अंतर्गत घाट व जेट्टी का विकास कार्य मंदिर चौक, मंदिर परिसर, यात्री सुरक्षा केंद्र नंबर तीन, यात्री सुरक्षा केंद्र नंबर दो, स्प्रिचुअल बुक स्टोर, जलपान केंद्र का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसा माना जा रहा है की अगर कार्य की गति ऐसी ही रही तो कुछ ही महीनों की इसकी भव्यता दिखने लगेगी। साथ ही यह कॉरिडोर अपने समय से बनकर तैयार भी हो जाएगा।

काशी विश्वनाथ कॉरीडोर उतरने लगा जमीन पर, धार्मिक और सांस्‍कृतिक स्‍वरूप का लेने लगा आकार

बता दें की श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण कार्य लॉकडाउन के कारण रोक दिया गया था। लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश के बाद इसे लॉकडाउन के बीच फिर से शुरू हुआ यहां का निर्माण कार्य अब अपनी गति पर है। इसके लिए कार्यदायी कंपनी पीएसपी के इंजीनियर अधिकारी और मजदूर दिन रात कार्य को पूर्ण करने में जुटे हैं।

155 मजदूर पांच इंजीनियर दे रहे गति

कॉरिडोर का निर्माण करने वाली पीएसपी प्रोजेक्ट लिमिटेड की ओर से इस समय कुल 155 मजदूर, 5 इंजीनियर लगाए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के चार अधिकारी मानकों को पालन व कार्य की गुणवत्ता पर नजर बनाए रख रहे है।

सोशल डिस्टेंन्सिंग का रखा जा रहा पूरा ध्यान

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री विशाल सिंह ने बताया कि काम शुरू कराने से पहले कर्मचारियों व मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जा रही है। मानकों के आधार पर प्रतिदिन मजदूरों को कार्यस्थल पर पहुंचने से पहले उनको फेस मास्क ग्लव्स पहनने के बाद हैंड वॉश, फुल बॉडी सैनिटाइजिंग कराकर ही मंदिर में कार्य पर लगाया जाता है। किसी बजी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित है।

दो दिन पहले मिला अति प्राचीन मंदिर

इधर दो दिन पहले ध्वस्तीकरण कार्य के बीच एक अति प्राचीन मंदिर सामने आया है। यह प्राचीन मंदिर मकान के अंदर था और इसके शिखर तक में लिंटर डालकर इसे छिपा दिया गया था। काशी विश्वनाथ मंदिर के ठीक सामने इस प्राचीन मंदिर को मणिमाला का हिस्सा बनाया जाएगा। ऐसे ही यहां कई प्राचीन नक्काशियां भी कई भवनों ओर मिल रही है।

पीएम ने रखी थी आधार शिला, 15 जनवरी से शुरू हुआ था काम

काशी विश्‍वनाथ धाम (कॉरिडोर) का निर्माण 15 जनवरी 2020 यानी मकर संक्राति के दिन शुरू हुआ था। धाम का निर्माण करने वाली अहमदाबाद की कंपनी पीएसपी के प्रॉजेक्‍ट मैनेजर शशिकांत प्रजापति ने अपनी टीम के साथ विधिववत पूजन के बाद काम शुरू कराया था। कम्पनी की तरफ से दावा किया गया था की 18 महीने में प्रॉजेक्‍ट पूरा हो जाएगा। इसके लिए देश भर से विशेषज्ञ, मजदूर और मशीनें मंगाई गईं है जो यहां काशी के ऐतिहासिक सपने को साकार कर रही है । इस विश्‍वनाथ धाम की आधारशिला पीएम मोदी ने 8 मार्च 2019 को रखी थी। विश्‍वनाथ धाम के निर्माण पर 339 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव है।

धार्मिक और सांस्‍कृतिक स्‍वरूप का होगा दर्शन

काशी नगरी के धार्मिक और सांस्‍कृतिक स्‍वरूप के दर्शन करने वाला अनूठा विश्‍वनाथ धाम कॉरीडोरकरीब 50 हजार वर्गमीटर में बनाया जा रहा है। इसमें 40 फीसदी निर्माण और 60 फीसदी खुला और हरियाली क्षेत्र रखा जा रहा है। सांस्‍कृतिक और सामूहिक गतिविधियों के लिए मल्‍टीपर्पज हॉल तो जलासेन और ललिता घाट के बीच बड़ा मंच बनेगा। वाराणसी गैलरी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होगी। धरोहरो को संजोने के लिए सिटी म्‍यूजियम, यात्रि निवास और मोक्ष भवन भी बनाया जाएगा। कहा जता है कि तैयार होने के बाद यह कॉरिडोर देश का सबसे भव्य स्थलों में गिना जाएगा।

pm modi
Show More
Karishma Lalwani
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned