उन्नाव रेप पीड़ित के बहाने UP की सभी महिलाओं, बेटियों की सुरक्षा को सपा ने शुरू किया आंदोलन

-अखिलेश यादव के निर्देश पर लगातार दूसरे दिन जुटे सपा कार्यकर्ता
-योगी सरकार पर जम कर बोला हल्ला
-ध्वस्त कानून व्यवस्था को बनाया निशाना

By: Ajay Chaturvedi

Published: 08 Dec 2019, 02:01 PM IST

वाराणसी. उन्नाव की रेप पीड़ित को जिंदा जलाने की घटना ने समूचे समाज को उद्वेलित कर रखा है। इस मुद्दे पर समावादी पार्टी लगातार दो दिन से योगी सरकार पर आक्रामक है। पहले दिन यानी शनिवार को लखनऊ में सपाजनों की आवाज दबाने के लिए लाठीचार्ज भी किया गया। ऐसा सपाजनों का आरोप है। लेकिन सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने साफ किया है कि उन्नाव पीड़ित को न्याय दिलाने तक पार्टी का एक भी कार्यकर्ता न खुद चैन से रहेगा न सरकार को चैन से रहने देगा। इसी कड़ी में वाराणसी के पार्टी कार्यकर्ता लगातार दूसरे दिन जुटे और योगी सरकार पर जमकर हमला बोला।

SP agitated 2nd consecutive day for justice to Unnao rape victim
IMAGE CREDIT: पत्रिका

वाराणसी के समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ पीयूष यादव और निवर्तमान महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल के नेतृत्व में जुटे समाजवादियों ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में कायम जंगलराज पर लगातार सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाते हुए सरकार से आम नागरिकों को सुरक्षा , महिलाओं की अस्मिता की रक्षा व जनमानस के लिए विश्वसनीय कानूनव्यवस्था को सुनिश्चित करने का आग्रह विगत ढाई वर्षो में अनेक बार विभिन्न माध्यमों से किया। लेकिन इस असंवेदनशील गूंगी बहरी सरकार के कानों में जूं भी नहीं रेंगा। उन्होंने कहा कि सरकार बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा के बजाय उनकी अस्मत लूटने वालों को ही बचाने में जुटी रही। इसी का नतीजा है उन्नाव की वह बेटी जो रेप के मामले में बयान देने रायबरेली अदालत जा रही थी तभी उस पर मिट्टी का तेल छिड़क कर जला दिया गया। बेटी 43 घंटे तक जीवन और मौते से संघर्ष करती रही आखिर कार उसने शुक्रवार की रात दम तोड़ दिया। लेकिन जाते-जाते भी बेटी ने न्याय की गुहार की।

उन्होंने कहा कि उन्नाव रेप पीड़ित के साथ अमानुषिक अत्याचार के बाद गत 05 दिसंबर को बलात्कारियों ने प्रतिशोधात्मक तरीके से मासूम रेप पीड़ित बेटी को आग के हवाले कर देने की भयावह घटना ने प्रदेश सहित पूरे देश को झकझोर के रख दिया है। दो दिनों तक जीवन और मौत से संघर्ष करते हुए पीड़िता ने अपने प्राण त्याग दिए। लोकतांत्रिक व संवैधानिक व्यवस्था में किसी भी सरकार के लिए यह डूब मरने जैसी शर्मनाक स्थिति है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पीड़ित को न्याय की मांग के साथ शनिवार को लोकभवन लखनऊ पर धरना देकर आमजनमानस की भावनाओं को सरकार के समक्ष उजागर करने का जो प्रयास किया है वह अत्यंत सराहनीय है।

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