अखिलेश को दी सपा प्रत्याशी ने टेंशन, एसयूवी - एनओसी भी संदिग्ध

अखिलेश को दी सपा प्रत्याशी ने टेंशन, एसयूवी - एनओसी भी संदिग्ध
suv rajistration paper

देश के किसी आरटीओ में दर्ज नहीं गाड़ी का नंबर, पत्रिका के हाथ लगे गाड़ी के पेपर, पढि़ए साल्वर गैंग से जुड़े प्रत्याशी की क्या है कहानी 

वाराणसी
समाजवादी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। शिवपुर विधानसभा क्षेत्र से घोषित विधानसभा प्रत्याशी अरविंद कुमार मौर्य के परीक्षा पेपर लीक कराने वाले गैंग से रिश्तों परत-दर-परत उधड़ रही है और दूसरी तरफ गाडिय़ों की फर्जी तरीके से खरीद-फरोख्त के मामले में भी उनकी संलिप्तता सामने आ रही है। फिलहाल सच की तह में जाने के लिए एसटीएफ अपनी जांच-पड़ताल में जुटी है। पुलिस की डायरी में सपा प्रत्याशी का पहले से नाम दर्ज होने के कारण सपा के एक गुट में टिकट दिए जाने को लेकर नाराजगी है, प्रतियोगी परीक्षााओं के पेपर लीक कराने वाली गैंग से रिश्ते के साथ ही अन्य गोरखधंधे के खुलासे से सपा की लगातार किरकिरी हो रही है। सपा ने बनारस में बिगड़ रही छवि की रिपोर्ट मुख्यमंत्री दरबार में सपाई पहुंचा रहे हैं। 

देश के किसी आरटीओ में नहीं रजिस्ट्रेशन
शिवपुर विधानसभा प्रत्याशी अरविंद मौर्य जिस एसयूवी गाड़ी को गुजरात से लाकर यहां चलते थे, उसकी एनओसी भी संदिग्ध है। पत्रिका को अरविंद मौर्य की गाड़ी के जो दस्तावजे मिले हैं, आरटीओ द्वारा जारी नंबर पर जानकारी मांगी गई तो उक्त गाड़ी के बारे में कहा गया कि देश के किसी भी संभागीय परिवहन कार्यालय में उक्त गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं है। वाराणसी में संभागीय परिवहन विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने एनओसी के बाबत मिले कागजात देखने के बाद उसे संदिग्ध बताया। कहा कि पेपर में कुछ ऐसे तथ्यों का तारीखों के साथ उल्लेख है जिससे मामला संदिग्ध दिख रहा है। इतना ही नहीं उक्त पेपर पर किसी प्रकार कि कोई मुहर तक नहीं है। 

तीन लाख में बेची थी एसयूवी
गौरतलब है कि बीते रविवार एआईपीएमटी की परीक्षा लीक कराने की कोशिश में जुटे साल्वर गैंग के आठ लोगों को एसटीएफ ने वाराणसी के सारनाथ इलाके से पकड़ा गया था। पकड़े गए लोगों में शामिल कोचिंग संचालक राजीव श्रीवास्तव के पास से जो एसयूवी बरामद हुई, पूछताछ में राजीव ने एसटीएफ को बताया कि उक्त गाड़ी उसे अरविंद मौर्य ने तीन लाख रुपये में बेची थी लेकिन गाड़ी के कागजात व स्थानातंरण के बाबत कोई पेपर नहीं दिए थे। सूत्रों के अनुसार गाड़ी बेचे जाने के बाद भी अरविंद मौर्य अक्सर उक्त एसयूवी का इस्तेमाल कर रहे थे।

कभी पता न चलता किसकी है गाड़ी

सपा प्रत्याशी ने गुजरात से जो एसयूवी खरीदी है, गुजरात से तो उसकी एनओसी बनवा ली लेकिन वाराणसी या देश के किसी अन्य संभागीय परिवहन कार्यालय में दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। ऐसे हालात में यदि 
उक्त एसयूवी से कहीं दुर्घटना या कोई अन्य वारदात होती तो नंबर ज्ञात होने के बाद भी यह पता नहीं चल पाता कि उक्त गाड़ी का मालिक इस समय कौन है। शक है कि उक्त गाड़ी की खरीद-फरोख्त भी संदिग्ध तरीके से की गई है अन्यथा निर्धारित समय गुजरने के बाद भी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन न कराना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं कुछ तो गड़बड़ है। 
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