पीएम की चुटकी पर सपा नेता का पलटवार, कहा, 04 साल बाद भी बनारस को नहीं समझ पाए मोदी

पीएम ने बनारस दौरे पर विश्वनाथ कॉरिडोर की कार्य प्रगति पर आधारित फिल्म शुरू होते ही ली थी चुटकी, भाई फिर गधा-खच्चर न दिखाना।

 

By: Ajay Chaturvedi

Published: 30 Dec 2018, 04:40 PM IST

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वनाथ कॉरिडोर के कार्य की प्रगति की फिल्म देखने के बाद शनिवार को जो चुटकी ली कि, 'भाई फिर गधा-खच्चर न दिखाना', पर सपा एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने पलटवार किया है कि वह चार साल तक यहां के प्रतिनिधि रहे पर बनारस को समझ नहीं सके।

बता दें कि बड़ा लालपुर स्थित हस्तकला संकुल में विश्वनाथ मंदिर और विशिष्ट क्षेत्र के सीईओ विशाल सिंह ने पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी को विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट की जानकारी दी। इस दौरान फिल्म देखते देखते पीएम ने कमेंट किया था अब उसी पर सपा एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने लिखित बयान में पलटवार किया है। कहा है कि प्रधानमंत्री ने जिन बनारसी गधों को नापंसद किया है और उनकी फोटो श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर योजना से हटाने का निर्देश दिया है वे सभी काशी की गलियों में बहुत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री की निगाह में गुजरात के गधे भले ही तेज दौड़ते हों तथा उनका व्यापक विज्ञापन भी उन्हें पसंद था लेकिन वे गुजराती गधे काशी की संकरी गलियों के लिए किसी काम के नहीं।

उऩ्होंने कहा है कि उनके द्वारा गधों-गधों के बीच फर्क करना अपने आप में दिलचस्प है। 2.5 फीट से 06-07 फीट संकरी गलियों में जहां ट्राली तक नहीं जा सकती है वहां बने समस्त प्राचीन भवनों या मंदिरों की मरम्मत या जीर्णोद्धार इन्हीं गधों व खच्चरों से ही संभव है। भवन निर्माण सामग्री को मौके तक पहुंचाना इन्हीं के मार्फत हो सकता है, और होता रहा है।

सपा नेता ने कहा है कि श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद वाराणसी ने एक करोड़ रुपये खर्च करके जो नक्शा प्रधानमंत्री को दिखाया वह अधूरा ही नहीं है बल्कि पीएम को उसमें कई कमियां दिखाई दी हैं। सपा नेता ने आश्चर्य जताया कि पांच महीने में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाने के बाद भी विशिष्ट क्षेत्र के अफसर दो वार्डों का प्लान तक नहीं बना पाए हैं। वे सिर्फ भवनों को खरीदने में जुटे रहे, सैकड़ों साल से बसे बनारसियों को उजाड़ने के विशेषज्ञ अधिकारी अभी तक उनके पुनर्वास की योजना तक नहीं बना सके न क्षेत्र के विकास की ही कोई प्लानिंग कर पाए।

एमएससी ने कहा कि इस मुद्दे पर जब 20 दिसंबर को विधानपरिषद में मैनें खुद सवाल किया तो धर्मार्थ मंत्री विकास योजना, सेक्टर योजना और पुनर्वास योजना का खुलासा सदन में नहीं कर सके। यानी पूरी योजना अभी तक उन्हीं भोले बाबा के भरोसे है जिनके बारे में प्रधानमंत्री ने अपने 14वें दौरे में बीएचयू में कहा था कि, अब तक वाराणसी का सारा काम भोले बाबा के ऊपर ही छोड़ दिया जाता था।

शतरुद्र प्रकाश
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