..तो इसलिये टीम मोदी नहीं चाहती योगी बनें यूपी का चेहरा

..तो इसलिये टीम मोदी नहीं चाहती योगी बनें यूपी का चेहरा
bjp leaders

राजनाथ को प्रोजेक्ट करने के पीछे छिपा है यह राज, पढ़िए पूरी खबर

वाराणसी.
उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा और अब कांग्रेस के पास भी मुख्यमंत्री का चेहरा आ गया है लेकिन मौजूदा राजनीती में देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी अब तक मुख्यमंत्री के लिए चेहरा नहीं खोज पायी है। हालाँकि सांसद आदित्यनाथ योगी, वरुण गांधी, स्मृति ईरानी से लेकर मौजूदा गृहमंत्री राजनाथ सिंह तक का नाम सामने आ चुका है लेकिन संसदीय कमेटी ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं कि बीजेपी की तरफ से कौन होगा उत्तर प्रदेश में सीएम का चेहरा। पार्टी के कई नेता खुद को सीएम के रूप में खुद को प्रोजेक्ट करते हुए अभियान चला रखे हैं। एक पद के लिए कई की दावेदारी ने पार्टी को परेशान कर रखा है। 
सीएम कैंडिडेट की रेस से किसी को कैसे बाहर किया जाए अब इस पर राजनीति चल रही है। बीजेपी में अंदरखाने जो चल रहा है, वह कुछ ऐसा ही इशारा कर रहा है। हर सर्वे में योगी आदित्यनाथ के आगे निकलने के बावजूद बीजेपी आलाकमान यह कत्तई नहीं चाहता कि उन्हें सीएम कैंडिडेट के रूप में प्रोजक्ट किया जाए। जिस पर पार्टी दाव खेलना चाहती है वह निजी सर्वे में ही सबसे निचले पायदान पर दिख रही हैं। ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व कुछ अलग करना चाहता है। हर रोज एक नए नाम को प्रश्रय देकर कार्यकर्ताओं की बेचैनी बढ़ाई जा रही है। इसी का नतीजा था कि योगी के कट्टर समर्थकों में से एक माने जाने वाले रमाकांत यादव बीते दिनों राजनाथ सिंह के खिलाफ जमकर बरसे। रमाकांत के बागी तेवर ऐसे ही नहीं थे। दरअसल, कहीं न कहीं उन्हें बीजेपी के एक बड़े गुट का समर्थन है।

दरअसल, योगी और राजनाथ के बीच तल्खी तब बढ़ी जब बीते दिनों दिन पूर्वांचल के कुछ मजबूत नेता राजनाथ सिंह से मिलते हैं। इसी के साथ भाजपा के एक खेमे ने राजनाथ को सीएम कैंडिडेट के रूप प्रोजक्ट करने वाले मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल करने शुरू कर दिए। यह वह खेमा है जो मोदी और शाह का करीबी माना जाता है। राजनाथ खुद अब यूपी की सियासत में वापस नहीं आना चाहते, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व का एक बड़ा धड़ा उन्हें वापस भेजना चाहता है, ताकि जो थोड़ा बहुत दिल्ली में विरोध है वह पूरी तरह से खत्म हो जाए। यही वजह थी कि पार्टी में हाशिये पर चल रहे राजनाथ के बेटे पंकज सिंह को उत्तर प्रदेश की कार्यकारिणी में जगह मिली। इस खेमे के रणनीतिकारों का मानना है कि अगर राजनाथ को सीएम कैंडिडेट के रूप में प्रोजक्ट किया जाएगा तो वे यूपी की सियासत में ही उलझ कर रह जाएंगे। यही बात योगी खेमे को नागवार गुजर रही है। इसके साथ ही विरोध की रणनीति भी तैयार होने लगी है।

हिंदूवादी संगठनों की लाबिंग

बीजेपी से जुड़े सूत्रों की मानें तो अब सियासत हिंदुवादी संगठनों की लाबिंग की हो रही है। कोशिश है कि सारे संगठन एक मंच पर आ जाएं और अगर राजनाथ अगर सीएम कैंडिडेट के रूप में प्रोजक्ट होते हैं तो हिंदुवादी संगठन योगी के पक्ष में लामबंद होंगे। पूर्वांचल के कमसे कम 30 जिलों में योगी का अच्छा प्रभाव है। इसका नुकसान सीधे बीजेपी को होगा। वरुण खेमा भी उतरेगा विरोध में उधर, बीजेपी ने वरुण गांधी पर पहले कार्रवाई कर उनके समर्थकों को नाराज कर दिया है। ऐसे में अगर बगावत होती है तो वरुण समर्थकों का साथ बागियों को मिल जाएगा। अब देखना है कि आगे क्या होता है, लेकिन इतना तो तय है यूपी में बीजेपी के लिए कठिन समय शुरू होने वाला है।

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned