आज रात खरमास समाप्त, शुरू होंगे मांगलिक कार्य 

आज रात खरमास समाप्त, शुरू होंगे मांगलिक कार्य 
tonight ended kharmas

16 से बैंड बाजा बरात की धूम, इस साल दिसंबर तक 38 लग्न 

वाराणसी. सूर्य का मीन से मेष राशि में संचरण 13 अप्रैल की रात 9.39 बजे हो रहा है। इसके साथ ही एक माह से चल रहा खरमास खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएंगे। इस माह में विवाह की पहली लग्न 16 और अंतिम 29 अप्रैल को पड़ रही है। ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार देवगुरु बृहस्पति शादी विवाह के कारक ग्रह माने जाते हैं। सूर्यदेव का संचरण जब बृहस्पति की राशि धनु तथा मीन पर होती है तो ज्योतिष में उसे खरमास कहा जाता है। फागुन शुक्ल षष्ठी यानी 14 मार्च को दिन में 1.35 बजे सूर्यदेव का संचरण कुंभ से मीन राशि पर होने के बाद से खरमास लगा था। 
अब दो मई को शुक्रदेव पूर्व में शाम 6.59 पर अस्त हो जाएंगे। इसके साथ ही पुन: शादी विवाह आदि शुभ कार्यों पर विराम लगेगा। इसके बाद 30 मई-1 जून की रात 12.16 बजे शुक्रोदय होगा और फिर शुभ कार्य प्रारंभ होंगे। इस क्रम में सात से 14 जुलाई तक आठ लग्न पड़ेंगी। आषाढ़ शुक्ल एकादशी (15 जुलाई) पर श्रीहरि के क्षीरसागर में शयन पर जाते ही चातुर्मास्य प्रारंभ होगा और चार मास तक शुभ कार्यादि बंद रहेंगे। देवप्रबोधिनी एकादशी (10 नवंबर) को चातुर्मास्य समाप्त होते ही 17 नवंबर से लग्नारंभ होगा। इस माह में सात और दिसंबर में 10 लग्न मुहूर्त पड़ेंगे जिन पर 15 दिसंबर को खरमास लगने पर विराम लगेगा। 

लग्न मुहूर्त 
-अप्रैल में 13 यानी 16 से 21 तक व 23 से 29 तक। 
-जुलाई में आठ यानी सात से 14 तक। 
-नवंबर में सात यानी 17, 21 से 26 तक।   
-दिसंबर में 10 यानी एक से छह तक व आठ से 11 तक। 

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