पेट पालने के लिए ही नहीं, आमदनी बढ़ाने को करें औद्यानिक खेती

पेट पालने के लिए ही नहीं, आमदनी बढ़ाने को करें औद्यानिक खेती
formers seminar

किसानों संग दीप प्रज्वलित कर दो दिवसीय संगोष्ठी का किया शुभारम्भ

वाराणसी. जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने किसानो का आहवान् करते हुए कहॉ कि वे अपनी आमदनी बढ़ाने के लिये खेती करे, न की पेट पालने के लिये। क्योंकि पेट पालने के लिये खाद्य सुरक्षा कानून देश में लागू है और हर गरीब व्यक्ति को कार्ड बनवा दिया गया है। जिस पर काफी कम रियायती मूल्य पर उसे खाद्यान्न मुहैया कराया जा रहा है। उन्होने उत्पादकता एवं विविधीकरण पर विशेष जोर देते हुए कहॉ कि यदि किसान इसमें वृद्वि नही करेगें, तो आने वाले समय में कृषि महत्वहीन हो जायेगा। उन्होने औद्यानिक खेती को प्रमुख खेती बनाये जाने की अपील किसानों से की। उन्होने बताया कि जल प्रबन्धन अपना कर किसान अपनी उत्पादकता को बढ़ा सकता है। जिलाधिकारी ने किसानों को उनकी उत्पाद का सही मूल्य दिलाये जाने हेतु अपनी कटिबद्वता दोहराते हुए बिचौलियो एवं दलालो का हस्तक्षेप खत्म करने तथा मण्डियों में पारदर्शी व्यवस्था बनाये जाने हेतु जिला उद्यान अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होने विपणन व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाये जाने हेतु किसान उत्पादक कम्पनी बनाये जाने का सूत्र दिया। 
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद रविवार को कमिश्नरी आडीटोरियम में आयोजित एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अन्तर्गत जनपद स्तरीय दो दिवसीय औद्यानिक कृषक गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में किसानों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने औद्यानिक मिशन कार्यक्रम को जिले में बढ़ाये जाने पर जोर देते हुए कहॉ कि यहॉ 3 लाख किसान है और 1.50 लाख हेक्टेयर भूमि का आच्छादन किया जाता है और हमारे पास एक्सपर्ट एवं शोधतंत्र की भी कोई कमी नही है। ऐसी स्थिति में सही प्रबन्धन मात्र से ही इसमें कई गुना बढ़ोत्तरी किया जा सकता है। उन्होने आगामी 5 वर्ष में औद्यानिक मिशन में 5-7 गुना उत्पादकता बढ़ाये जाने के संबंध में सकारात्मक विजन प्लान तैयार किये जाने हेतु जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया।

बाहर होंगे फेल किसानों के सहायक

जिलाधिकारी ने कहा कि औद्यानिक मिशन कार्यक्रम में किसान सहायको सहित ब्लाक टेक्निकल मैनेजर एवं अस्सिटेंट टेक्निकल मैनेजर  की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। उन्होने प्रत्येक किसान सहायको को अपने-अपने क्षेत्र में 25 हे0 का विविधीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होने बताया कि किसान सहायको सहित ब्लाक टेक्निकल मैनेजर एवं अस्सिटेंट टेक्निकल मैनेजरो के कार्य क्षमता के आंकलन हेतु 100-100 सहित कुल 200 नम्बर के दो प्रश्न-पत्र क्रमशः लिखित एवं मौखिक/संवाद के तैयार किये गये है। इन परीक्षा में पास होने वाले किसान सहायक ही कार्यरत रहेगे। फेल होने वालो को बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा और उनके रिक्त स्थानों पर योग्य लोगो को रखा जायेगा। उन्होने औद्यानिक कृषक के उत्पादों को सही मूल्य दिलाये जाने की दिशा में दो कदम और आगे बढ़ाते हुए कहॉ कि खाद्य प्रसंस्करण के लिये बड़ी-बड़ी कम्पनियों को जिले में आमंत्रित किया जायेगा। उन्होने जोर देते हुए कहॉ कि भारतवर्ष कुल सब्जी उत्पादन में चीन के बाद विश्व में दूसरा स्थान रखता है, लेकिन दुर्भाग्यवश यहॉ सब्जी की उत्पादकता बहुत कम है। इसी उत्पादकता को बढाये जाने की जरूरत है। इस दौरान उन्होने मृदा परीक्षण पर जोर देते हुए जैविक उवर्रको का अधिक से अधिक प्रयोग किये जाने हेतु किसानों से अपील की। उन्होने गांेष्ठी में कृषि वैज्ञानिको द्वारा बताये जाने वाले विधियों एवं प्रयोग किये जाने वाले उवर्रको आदि की जानकारी कर अपने औद्यानिक मिशन में उसे अपनाये जाने का भी किसानो से अपील की। जिलाधिकारी ने किसानो की मॉग पर मनरेगा योजनान्तर्गत रेशम की खेती कराये जाने का भरोसा देते हुए कहॉ कि इस संबंध में कार्ययोजना बनाया जा रहा है। उन्होने कहॉ कि जिले का रेशम विभाग पूरी तरह निष्क्रिय और सोया हुआ है। 
इससे पूर्व जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने स्वयं नही, बल्कि कृषको से दीप प्रज्जवलित कराकर विधिवत् गोष्ठी को उद्घाटन किया।
इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि ए0के0सिंह, जिला उद्यान अधिकारी ममता यादव, कृषि वैज्ञानिक सहित भारी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned