Birthday Special: नरेंद्र मोदी के जीवन से जुड़ी वह अनसुनी कहानियां, जिस पर नहीं होगा यकीन

Akhilesh Tripathi

Publish: Sep, 17 2017 08:22:59 (IST)

Varanasi, Uttar Pradesh, India
Birthday Special: नरेंद्र मोदी के जीवन से जुड़ी वह अनसुनी कहानियां, जिस पर नहीं होगा यकीन

गुजरात के बडनगर में पैदा हुए नरेंद्र मोदी मोदी का सत्ता के शिखर तक पहुंचना इतना आसान भी नहीं रहा है।

वाराणसी. भारत के प्रधानमंत्रनरेंद्र मोदी 67वां जन्मदिन मना रहे हैं। फौलादी इरादों के धनी पीएम मोदी का डंका आज देश के साथ- साथ विदेशों में भी बज रहा है। गुजरात के बडनगर में पैदा हुए नरेंद्र मोदी मोदी का सत्ता के शिखर तक पहुंचना इतना आसान भी नहीं रहा है। पीएम मोदी ने रास्ते में आने वाली उन तमाम चुनौतियों को स्वीकारा और सफलता की नई कहानी लिखी। जन्मदिन के मौके पर आज पीएम मोदी से जुड़ी वो अनसुनी कहानियां जानते हैं जो शायद पहले कभी नहीं सुनी गई हो।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

नरेंद्र मोदी की अनसुनी कहानियां

 

बचपन में भी होती थी आवाज और अभिनय की चर्चा

मोदी बचपन से ही भाषण की कला में माहिर थे। आज भी मोदी के स्कूल में उनके आवाज और अभिनय की चर्चा की जाती है । मोदी शेरो- शायरी के लिए जाने जाते थे। मोदी को साइंस और इतिहास काफी पसंद थे। पढ़ाई में अच्छा होने के साथ- साथ मोदी एक अच्छे तैराक थे। नरेन्द्र मोदी को बचपन में नरिया कहकर बुलाया जाता था । कहा जाता है कि अपने तैराकी के दौरान एक बार मोदी का सामना मगरमच्छ से हो गया था कि वह मगरमच्छ के बच्चे को उठाकर अपने घर ले आये थे बाद में मां के कहने पर मगरमच्छ को वापस तालाब में छोड़ा था।

 

सन्यासी बनने के लिये छोड़ा था घर

नरेन्द्र मोदी बचपन में ही साधु-संतों से प्रभावित हुए। वे बचपन से ही संन्यासी बनना चाहते थे। संन्यासी बनने के लिए मोदी स्कूल की पढ़ाई के बाद घर से भाग गए थे। इस दौरान मोदी पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण आश्रम सहित कई जगहों पर घूमते रहे। हिमालय में कई महीनों तक साधुओं के साथ रहे। दो साल बाद जब वह हिमालय से वापस लौटे तब उन्होंने संन्यास जीवन त्यागने का फैसला लिया। 

 

आठ साल की उम्र में संघ से जुड़े

नरेंद्र मोदी महज आठ साल की उम्र में आरएसएस से जुड़े गये थे। 1958 में गुजरात आरएसएस के पहले प्रांत प्रचारक लक्ष्मण राव इनामदार उर्फ वकील साहब ने नरेंद्र मोदी को बाल स्वयंसेवक की शपथ दिलवाई थी।  नरेंद्र मोदी अहमदाबाद संघ मुख्यालय में रहते तो वहां सारे छोटे काम करते जैसे साफ-सफाई, चाय बनाना और बुजुर्ग नेताओं के कपड़े धोना शामिल है।

 

मैनेजमेंट और पब्लिक रिलेशन का किया है कोर्स

नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में मैनेजमेंट और पब्लिक रिलेशन से संबंधित तीन महीने का कोर्स किया है। पीएम मोदी का यह कोर्स सत्ता के शिखर तक पहुंचने के बाद काम आ रहा है।

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