CM से मिलने गए इस समाजसेवी को योगी के मंत्री ने ऐसे दुतकारा

CM से मिलने गए इस समाजसेवी को योगी के मंत्री ने ऐसे दुतकारा
CM Yogi Aditya Nath

गरीब, असहाय लोगों की निःस्वार्थ भाव से मदद करता है यह समाजसेवी।

वाराणसी. सीएम योगी आदित्य नाथ का दो दिवसीय वाराणसी दौरा तो समाप्त हो गया। सीएम शनिवार की शाम ही लखनऊ रवाना हो गए। लेकिन सीएम की मौजूदगी में उनके कैबिनेट के मंत्री ने कबीरचौरा के मंडलीय अस्पातल में एक समाजसेवी को बुरी तरह दुतकारना शहर में चर्चा का विषय बन गया है।



बता दें कि इस युवा समाज सेवी अमन ने बाइक एंबुलेंस बनवाई है। वह इसी एंबुलेंस से कमजोर तबके के लोगों की मदद को हर वक्त तैयार रहता है। खास तौर पर जिनका कोई नहीं होता उन्हें हर तरह से मदद करने की कोशिश करता है। लेकिन उसकी यह समाज सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खास व योगी कैबिनेट के खेल व युवा मामलों के मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी को रास नहीं आई।


अमन ने पत्रिका से खास बातचीत में अपना दुखड़ा कुछ यूं सुनाया। उसने बताया कि मुख्यमंत्री जब मंडलीय अस्पताल के ब्लड बैंक से बाहर निकल रहे थे, तभी मैं उनके पास गया। उन्हें प्रणाम कर उनसे कुछ गुहार करना चाह रहा था, लेकिन नीलकंठ तिवारी ने हाथ झटकते हुए कहा चलो हटो। अमन उर्फ गोलू ने बताया कि मंत्री नहीं चाहते थे कि मैं मुख्यमंत्री से कुछ कहूं। लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने कैबिनेट के मंत्री को शांत कराया, उन्हें नसीहत दी। फिर मुझसे मुखातिब हुए।



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अमन ने पत्रिका को बताया कि मैनें मुख्यमंत्री से कहा कि लावारिस मरीजों का इस अस्पताल में बहुत बुरा हाल है। एक बार आप इन मरीजों की दुर्दशा देख लेंगे तो शायद इन्हें कुछ राहत मिल जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा होगा होगा बदलाव होगा। जल्द बदलाव होगा। फिर देखोगे सभी मरीजों को खास तवज्जो मिलेगी।




अमन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने तो मेरी बात सुन ली और उन्होंने लावारिस मरीजों की समस्या का  भी जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया। लेकिन इसी शहर के विधायक और मंत्री तो हमें उनसे मिलने ही नही देना चाहते थे। वो नहीं चाहते थे कि कोई सीएम से अस्पताल की हकीकत बयां करे।

मुख्यमंत्री के लखनऊ रवानना होने के बाद गोलू और मंत्री नीलकंठ के बीच हुआ वाकया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग तरह तरह के कमेंट भी कर रहे हैं।  लोग उस युवा समाजसेवी अमन उर्फ़ गोलू के दर्द को बयां कर रहे हैं साथ ही मंत्री को खरी खोटी भी सुना रहे हैं। बता दें कि गोलू रोज लावारिश मरीजो की सेवा में दिन रात समय देता है। जो लवारिश मरीज अस्वस्थ्य रहता है उसका इलाज कराने के लिए इसी सरकारी अस्पताल में लेकर आता है और खुद लग कर डॉक्टरों से फरियाद कर उनका इलाज कराता है। ऐसे में क्या इस समाज सेवी गोलू का हक़ नहीं है कि मुख्यमंत्री से अपनी बात रख सके। लेकिन एक मंत्री को अपनी दबंग आवाज में अरे हटो यार कहकर उसे समाज के सामने बेइज्जत करने से गुरेज नहीं किया। लोग कह रहे हैं कि ऐसे में किस तरह से इस समय समाज में दबे कुचलों की कोई मदद करेगा।


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