BREAKING दोहरे हत्याकांड का एसटीएफ ने किया खुलासा

BREAKING दोहरे हत्याकांड का एसटीएफ ने किया खुलासा
murder mystry

उधार की रकम मांगने पर अध्यापक ने चार माह पूर्व  सत्यम और उसके मित्र की थी गला दबाकर हत्या,हत्या में शामिल सात गिरफ्तार

वाराणसी. चार माह पूर्व भेलपूर थाना में दो युवकों सत्यम व रवि के अपहरण की रिपोर्ट परिजनों ने दर्ज कराई थी। मामले की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया है। दोनों युवकों की 3 मार्च की रात ही हत्या करने के बाद बदमाशों ने शव को बिहार- बलिया के बॉर्डर पर गंगा में फेंक दिया था। stf ने इस मामले में सत्यम को ट्यूशन पढ़ाने वाला मुख्य आरोपी अविनाश  फरार है जबकि उसकी पत्नी, माँ समेत समेत सात लोगों को stf वे गिरफ्तार किया है। 
जानकारी के अनुसार भेलूपुर क्षेत्र निवासी अविनाश पूर्व में हर्षित उर्फ़ सत्यम को ट्यूशन पढ़ाता था। दोनों में नजदीकी बड़ गयी। इस दौरान अविनाश ने सत्यम से काफी रूपये उधार लिए। जरूरत पड़ने पर जब सत्यम ने रूपये वापस मांगे तो अविनाश आनाकानी करने लगा। सत्यम ने 3 मार्च को घर पर आकर रूपये लेने की बात कही। 
रूपये न देने का मन बना चुके अविनाश ने सत्यम की हत्या की योजना बना डाली। काम में मदद के लिए अपने मित्र संजीव राय, अंकुर राय और धर्मेंद्र गौड़ को बुला लिया। 3 मार्च की रात जब सत्यम अपने एक अन्य मित्र रवि शास्त्री के साथ अविनाश राय के गजर पहुंचा तब बदमाशों ने दोनों को रस्सी से बाँध दिया। रस्सी से बाँधने के बाद अविनाश ने दोस्तों व पत्नी रीना, माँ सुषमा और बहन वंदना की मदद से सत्यम व रवि की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद किराये पर गाडी लेकर शव के साथ सभी बलिया और बिहार के बॉर्डर पर उजियार घाट पहुंचे और सत्यम व रवि के शव को गंगा में फेंक दिया।

मोबाइल के जरिये लगा बदमाशों का सुराग
मामले की पड़ताल में जुटी पुलिस बदमाशों के गिरेबाँ तक मोबाइल फोन के चलते पहुंची। दरअसल रवि की हत्या के बाद आरोपी धर्मेंद्र ने उसका मोबाइल अपने पास रख लिया था जिसके चलते stf सबसे पहले धरमेंद्र तक पहुंची। पूछताछ में उसने सारे राज उगल दिया और बताया कि सत्यम का फोन संजीव के पास है जो अविनाश के घर अक्सर रहता है। stf ने देरी किये बिना अविनाश के घर दबिश दी और मामला राजफाश हो गया। मामले के खुलासे में stf के विपिन राय, अमित श्रीवास्तव, सुनील वर्मा समेत अन्य पुलिस अधिकारी लगे थे।

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