इस खुफिया रिपोर्ट पर सपा खुशी मनाए या AIMIM के ओवैसी गम

इस खुफिया रिपोर्ट पर सपा खुशी मनाए या AIMIM के ओवैसी गम
mulayam, mayawati and owaisi

यूपी चुनाव को लेकर खुफिया एजेंसियों ने किए हैं कई बड़े  चौंकाने वाले दावे, जानिए क्या बन रहे हैं यूपी में समीकरण

विकास बागी

वाराणसी. समाजवादी पार्टी के मुखिया को उत्तर प्रदेश की खुफिया एजेंसी ने ऐसी रिपोर्ट दी है जिससे पार्टी के सामने सांप-नेवले वाली स्थिति हो गई है। रिपोर्ट की शुरूआत ने तो सपा को खुशी दी लेकिन अंत में कुछ ऐसी बातें थी जिससे सरकार की नींद उड़ गई है। समाजवादी पार्टी इस मंथन में जुटी है कि अब कौन सी रणनीति अपनाई जाए जिससे पार्टी मुस्लिम मतदाताओं का भरोसा जीत सके और सत्ता में दोबारा वापसी कर सके।
उत्तर प्रदेश के खुफिया विभाग ने सरकार को जो रिपोर्ट दी है, सूत्रों के मुताबिक उस हिसाब से एआईएमआईएम के मुखिया ओवैसी उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सिर्फ वोटकटवा साबित होंगे। यूपी में एक-दो सीट भी पार्टी निकाल लें तो बड़ी होगी। ओवैसी की पार्टी की सीट पाती भी है तो वह प्रत्याशी की छवि पर निर्भर करेगा। ओवैसी पूर्वांचल के युवा मुस्लिम मतदाताओं को रिझा तो पाएंगे लेकिन अंत समय में फतवा जारी होने के बाद मामला फिर एकतरफा होगा। ओवैसी पर पहले से ही भाजपा का एजेंट होने का आरोप फिजाओं में है। खुफिया रिपोर्ट में पूर्वांचल के बाहुबली मोख्तार अंसारी की अगुवाई वाली कौमी एकता दल का भी जिक्र है। कहा गया है कि जब पिछले विस चुनाव में कौमी एकता दल धराशायी हो गई जबकि पूर्वांचल समेत उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समाज में अंसारी परिवार की अच्छी पकड़ है। ऐसे में ओवैसी यहां कोई प्रभाव नहीं डाल पाएंगे। 

खुफिया विभाग की इस रिपोर्ट ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चुनावी तपिश में राहत तो पहुंचाई है कि ओवैसी को यूपी में सीट नहीं मिलेगी लेकिन मुस्लिम मतदाताओं का रूझान सपा के बजाय बसपा की ओर होने की रिपोर्ट ने सपा की नींद उड़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बार उत्तर प्रदेश के मुसलमान बसपा की ओर निगाह लगाए हैं।   मुस्लिम मतदाताओं का स्पष्ट मत है कि जो जीत रहा हो और भाजपा को हरा रहा हो उसे जिताओं। उत्तर प्रदेश के मुसलमानों के बसपा के तरफ बढ़ते झुकाव ने सपा को मुश्किल में डाल दिया है क्योंकि मुस्लिम वोट बैंक के बिना यूपी में सपा की नैया पार होना नामुमकिन है। ओवैसी की पार्टी यूपी में जितने भी वोट बटोरेगी वह कहीं न कहीं सपा की झोली से ही निकले मत होंगे। 

आजम-अमर फैक्टर भी पहुंचाएगा नुकसान
आजम खान को विश्वास में लिए बिना सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने दोस्त से दुश्मन बन बैठे अपने अजीज मित्रों अमर सिंह व बेनी प्रसाद वर्मा की पार्टी में वापसी कराने के साथ ही उन्हें राज्यसभा का टिकट भी थमा दिया। मुलायम के इस फैसले पर सूबे के कैबिनेट मंत्री आजम खां सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं। पार्टी में लगातार आजम खां की हो रही रूसवाई से भी पार्टी की छवि मुस्लिम समाज में स्पष्ट नहीं है। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में चल रही धमाचौकड़ी कहीं न कहीं मिशन 2017 को नुकसान पहुंचाएगी। 
















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