BREAKING NEWS प्रधानमंत्री मोदी को अंधेरे में रख खादी प्लाजा की रख रहे थे नींव 

BREAKING NEWS प्रधानमंत्री मोदी को अंधेरे में रख खादी प्लाजा की रख रहे थे नींव 
kalraj mishra

Vikas Verma | Publish: May, 26 2016 03:49:00 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

विकास प्राधिकरण ने खारिज किया खादी ग्रामोद्योग का नक्शा

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बनारस में खादी को बढ़ावा देने के लिए झूठ की नींव पर खादी प्लाजा की इमारत खड़ी करने की तैयारी थी। मोदी के हाथों जिस खादी प्लाजा का उद्घाटन कराने की तैयारी सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री कलराज मिश्र कर रहे थे, विकास प्राधिकरण ने उस जमीन के नक्शे को निरस्त कर दिया है। मंडलीय कार्यालय खादी ग्रामोद्योग, तेलियाबाग स्थित उक्त भूखंड पर अपना स्वामित्व नहीं सिद्ध कर पाया है। ऐसे में अब खादी प्लाजा के निर्माण पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। जानकारी के अनुसार जिस भूखंड पर खादी ग्रामोद्योग अपना दावा कर रहा है वह दस्तावेज में नाले के रूप में दर्ज है। सरकारी कार्यालय का मामला होने के कारण पूर्व में वीडीए ने बिना जांच पड़ताल के उक्त नक्शा पास कर दिया था।  प्रकरण में जब अधिवक्ता नित्यानंद चौबे ने विकास प्राधिकरण द्वारा नक्शा पास करने पर सवाल खड़े करते हुए संबंधित दस्तावेज प्राधिकरण के सचिव एमपी सिंह के समक्ष प्रस्तुत किए तो वह भी हैरत में पड़ गए। वीडीए कर्मियों ने बिना पड़ताल के उनसे नक्शा से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर करा लिए थे।

गौरतलब है कि तेलियाबाग इलाके में खादी ग्रामोद्योग का मंडलीय कार्यालय है। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने खादी को बढ़ावा देने के लिए खादी प्लाजा निर्माण के बाबत प्रस्ताव दिया था। मंडलीय कार्यालय की ओर परिसर के एक भूखंड पर निर्माण कराने के बाबत विकास प्राधिकरण में फाइल जमा की थी नक्शा पास करने के लिए। इस मामले में अधिवक्ता नित्यानंद चौबे की ओर से विकास प्राधिकरण में आपत्ति दाखिल की गई कि जो जिस भूखंड पर खादी ग्रामोद्योग खादी प्लाजा बनाने की कोशिश कर रहा है, असल में वह नाले की जमीन है। अधिवक्ता की ओर इसे वीडीए की ओर दस्तावेज प्रस्तुत किए लेकिन तब  तक वीडीए उक्त भूखंड पर निर्माण के बाबत नक्शा की स्वीकृति दे चुका था। मामला उजागर होने के बाद सचिव ने खादी ग्रामोद्योग के अधिवक्ता को तलब किया। अधिवक्ता भूखंड के स्वामित्व को लेकर कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। वीडीए सचिव ने 25 मई को तत्काल प्रभाव  से उक्त नक्शा को खारिज कर दिया है। उधर नक्शा खारिज होने के बाद खादी ग्रामोद्योग के अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। 
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