#varanasi stampede जय गुरुदेव के इस अनुयायी को सत्संग की अनुमति नहीं, टकराव की आशंका

#varanasi stampede जय गुरुदेव के इस अनुयायी को सत्संग की अनुमति नहीं, टकराव की आशंका
varanasi stampede

भगदड़ के बाद हुई कार्रवाई से सहमे जिला प्रशासन ने रद किया कार्यक्रम

वाराणसी. जय गुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज बाबा की ओर से पंद्रह अक्टूबर से आयोजित दो दिवसीय सत्संग समागम के दौरान एक अफवाह से मची भगदड़ से 25 लोगों की मौत के बाद से जिला प्रशासन फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। 

वाराणसी में भगदड़ के मामले में मुख्यमंत्री की ओर से न्यायिक जांच आयोग के गठन के बाद सहमे जिला प्रशासन ने जय गुरुदेव के अनुयायी व उत्तराधिकारी के दावेदार रहे  उमाकांत महराज की ओर से 23 अक्टूबर को वाराणसी के चोलापुर में आयोजित सत्संग व नामदान कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति रद कर दी है। हालांकि एसडीएम सदर की ओर से पूर्व में ही इस कार्यक्रम के आयोजन को मंजूरी दे दी गई थी लेकिन राजघाट पुल पर भगदड़ के बाद हो रही कार्रवाई को देखते हुए जिला प्रशासनिक अफसर फिलहाल कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं इसलिए जिलाधिकारी विजय किरण आनंद ने अनुमति को रद कर दिया है। 

जिला प्रशासन का तर्क है 24 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में होंगे। उनकी सुरक्षा-व्यवस्था पहली प्राथमिकता है। पुलिस और प्रशासनिक अफसर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में व्यस्त होंगे। एक दिन पूर्व ही जय गुरुदेव धर्म विकास संस्था उज्जैन से संबद्ध  जय गुरुदेव संगत कााश्ी द्वारा इस कार्यक्रम के लिए अनुमति ली गई थी। इस आयोजन में भी लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। ऐसे में अनुमति देने से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर भी असर पड़ेगा। बीते दिनों हुए हादसे को देखते हुए जिला प्रशासन कोई चूक नहीं चाहता है इसलिए कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी गई है। 

चोलापुर के अल्लोपुर गांव में होने वाले इस आयोजन की अनुमति रद होने के बाद भी समर्थक जोर-शोर से तैयारी कर रहे हैं। गांव की 26 बीघा जमीन भी आयोजकों ने किराये पर ले रखी है। इसकी भनक लगते ही खुफिया अधिकारी से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने चोलापुर क्षेत्र का भ्रमण किया और आयोजकों को अनुमति रद होने की जानकारी देने के साथ ही कार्यक्रम न करने की चेतावनी दी। चेतावनी को दरकिनार करते हुए आयोजक अब भी वहां तैयारी में जुटे हैं। 

टकराव की संभावना- आयोजकों का कहना है कि सभी तैयारियां हो चुकी है। देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु वाराणसी के लिए रवाना हो चुके हैं। सोमवार को ही आयोजकों ने सौ से अधिक लोगों का भोजन तैयार कराया था। जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह श्रद्धालुओं की सुरक्षा-व्यवस्था के बाबत इंतजाम करे। आयोजकों का कहना है कि एक हादसे के बाद क्या अब देश के किसी हिस्से में कोई आयोजन नहीं होगा। जिला प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए आयोजन की अनुमति देने के बाद उसे रद कर रहा है। हम जिला प्रशासन की मदद को तैयार हैं, हमारे स्वयंसेवक प्रशासनिक व्यवस्था के साथ समन्वय स्थापित करके व्यवस्था संभाल सकते हैं। 

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned