script'Varanasi Durga Utsav Sammelan | वाराणसी दुर्गोत्सव सम्मिलनी के शताब्दी वर्ष समारोह पर डाक विभाग ने जारी किया विशेष आवरण व विरूपण | Patrika News

वाराणसी दुर्गोत्सव सम्मिलनी के शताब्दी वर्ष समारोह पर डाक विभाग ने जारी किया विशेष आवरण व विरूपण

डाक विभाग ने इन खूबियों को रेखांकित करते हुए इस पर विशेष आवरण व विरूपण जारी किया है

वाराणसी

Updated: October 17, 2021 05:33:08 pm

लखनऊ ,बनारस त्यौहारों और उत्सवों की नगरी है। साहित्य-कला-संस्कृति से लेकर धर्म और अध्यात्म तक यहाँ की गतिविधियाँ अपने अंदर एक समृद्ध इतिहास को छुपाए हुए हैं। बनारस का प्रथम सार्वजनिक दुर्गोत्सव, 'वाराणसी दुर्गोत्सव सम्मिलनी' आज अपनी शताब्दी के पादप्रदीप पर है। आजादी के आंदोलन के बीच 1922 में तत्कालीन बंग समाज के बाल-वृद्ध-वनिता द्वारा प्रारम्भ यह संस्था सदैव शारदोत्सव को संभ्रांत वर्ग के एकाधिकार से मुक्त कर सर्वसाधारण का उत्सव बनाने के लिए प्रतिबद्ध रही है। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने सीएम एंग्लो बंगाली प्राइमरी स्कूल, पांडेयहवेली के परिसर में 'वाराणसी दुर्गोत्सव सम्मिलनी' के शताब्दी वर्ष समारोह पर आयोजित समारोह में विशेष आवरण (लिफाफा) एवं विरूपण जारी करते हुए व्यक्त किए।
वाराणसी दुर्गोत्सव सम्मिलनी के शताब्दी वर्ष समारोह पर डाक विभाग ने जारी किया विशेष आवरण व विरूपण
वाराणसी दुर्गोत्सव सम्मिलनी के शताब्दी वर्ष समारोह पर डाक विभाग ने जारी किया विशेष आवरण व विरूपण
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वाराणसी दुर्गोत्सव सम्मिलनी' का अपना एक समृद्ध इतिहास रहा है। इसी प्रयास से दुर्गोत्सव के माध्यम से भाषागत एवं आर्थिक विभेद से परे इस संस्था ने बनारस की सांस्कृतिक धरोहर को संजोया व समृद्ध किया। सम्मिलनी निरंतर आर्थिक रूप से दुर्बल वर्ग के सहयोग में भी सदैव तत्पर एवं कार्यरत रही है। ऐसे में डाक विभाग ने इन खूबियों को रेखांकित करते हुए इस पर विशेष आवरण व विरूपण जारी किया है।
'वाराणसी दुर्गोत्सव सम्मिलनी' के अध्यक्ष देबाशीष दास ने सम्मिलनी के शतब्दी वर्ष समारोह पर विशेष आवरण जारी करने हेतु डाक विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि, जुलाई 1922 में बंगाली टोला हाईस्कूल के मैदान में साधारण सभा में 'बाराणसी दुर्गोत्सव सम्मिलनी' का नामकरण हुआ था। उस दौर में बनारस में बिजली भी ठीक से चालू नहीं हुई थी। तब से इस संस्था ने बनारस में दुर्गापूजा की परंपरा कायम कर इसे बनारस में नई पहचान दी।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

इन नाम वाली लड़कियां चमका सकती हैं ससुराल वालों की किस्मत, होती हैं भाग्यशालीजब हनीमून पर ताहिरा का ब्रेस्ट मिल्क पी गए थे आयुष्मान खुराना, बताया था पौष्टिकIndian Railways : अब ट्रेन में यात्रा करना मुश्किल, रेलवे ने जारी की नयी गाइडलाइन, ज़रूर पढ़ें ये नियमधन-संपत्ति के मामले में बेहद लकी माने जाते हैं इन बर्थ डेट वाले लोग, देखें क्या आप भी हैं इनमें शामिलइन 4 राशि की लड़कियों के सबसे ज्यादा दीवाने माने जाते हैं लड़के, पति के दिल पर करती हैं राजशेखावाटी सहित राजस्थान के 12 जिलों में होगी बरसातदिल्ली-एनसीआर में बनेंगे छह नए मेट्रो कॉरिडोर, जानिए पूरी प्लानिंगयदि ये रत्न कर जाए सूट तो 30 दिनों के अंदर दिखा देता है अपना कमाल, इन राशियों के लिए सबसे शुभ

बड़ी खबरें

देश में वैक्‍सीनेशन की रफ्तार हुई और तेज, आंकड़ा पहुंचा 160 करोड़ के पारपाकिस्तान के लाहौर में जोरदार बम धमाका, तीन की नौत, कई घायलजम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी जहांगीर नाइकू आया गिरफ्त मेंCovid-19 Update: दिल्ली में बीते 24 घंटे के भीतर आए कोरोना के 12306 नए मामले, संक्रमण दर पहुंचा 21.48%घर खरीदारों को बड़ा झटका, साल 2022 में 30% बढ़ेंगे मकान-फ्लैट के दाम, जानिए क्या है वजहकर्नाटक में कोरोना की रफ्तार तेज, 47  हजार से अधिक नए मामलेरामगढ़ पचवारा में बरसे टिकैत, कहा किसानों की जमीन को छीनने नहीं दिया जाएगाप्रदेश के डेढ़ दर्जन जिलों में रेत का अवैध परिवहन जारी, सरकार को करोड़ों का नुकसान
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.