Ganga Aarti Online: छह अलग अलग एंगल से लाइव देख सकेंगे वाराणसी की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती

वराणासी (Varanasi) की मशहूर गंगा आरती को अब घर बैठे दुनिया में कहीं से भी ऑनलाइन गंगा आरती (Online Ganga Aarti) देखा जा सकेगा। ऑनलाइन लाइव गंगा आरती (Online Live Ganga Aarti) छह एंगल से देखी जा सकेगी। इसका ट्रायल कर लिया गया है।

वराणासी. काशी की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती (Ganga Aarti Varanasi) जल्द ही अपने डिजिटल अवतार में आपके सामने होगी और दुनिया भर में कहीं से भी गंगा आरती ऑनलाइन (Ganga Aarti Online) देखा जा सकेगा। खास बात यह कि आरती छह अलग अलग एंगल से देखा जा सकेगा। आयोजक संस्था गंगा सेवा निधि (Ganga Seva Nidhi) की वेबसाइट https://www.gangasevanidhi.org/ से इसे ऑनलाइन किया जाएगा। संस्था ने इसके प्रसारण का ऑनलाइन ट्रायल भी कर लिया है। वेबसाइट के साथ ही लोग इसे फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) पर भी देख सकेंगे।

 

कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) के भारत में पांव पसारते ही इससे बचाव के लिए पूरे देश में लॉक डाउन (Lockdown) लगा दिया गया। इसके बाद सबकुछ रुक गया। सभी धर्मस्थल बंद कर दिये गए और केवल परंपरा न टूटे इसलिये धर्मस्थलों में कुछ चुनिंदा लोग प्रतीकात्मक रूप से परंपरा का निर्वहन कर रहे थे। 18 मार्च से सिर्फ एक ब्राह्मण के द्वारा ही आरती की परंपरा का निर्वाह कराया जा रहा है।

 

संस्था के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि 18 मार्च से सात ब्राह्मणों के बजाय केवल एक ब्राह्मण से ही गंगा पूजन और आरती की परंपरा का निर्वाह हो रहा है। पर अब दैनिक गंगा आरती में आस्था रखने वालों के लिये आरती का डिजिटल अवतार लाया जा रहा है। छह अलग अलग कोणों से गंगा आरती का ऑनलाइन लाइव (Ganga Aarti Live) प्रसारण घाट पर मौजूद होने की अनुभूति कराएगा। इसे लाइव करने के लिए संस्था की वेबसाइट में कुछ बदलाव किये जा रहे हैं। संस्था की साइट के लिंक से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी लाइव आरती देखा जा सकेगा।

 

उधर गंगोत्री सेवा समिति भी शीतला माता मंदिर के सानिध्य में दशाश्वमेध घाट पर समिति द्वारा करायी जाने वाली दैनिक गंगा आरती को भी लाइव करने की तैयारी में है। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे (बाबू महाराज) ने बताया कि आरती के डिजिटल संस्करण की तेज़ी से तैयारी की जा रही है।

 

बताते चलें कि काशी में दैनिक गंगा आरती का सिलसिला नया नहीं, बल्कि यह काफी पुराना है। काशी में 1970 तक गंगा महासभा की ओर से रोज़ाना गंगा आरती कराई जाती रही। बीच में यह क्रम बाधित हुआ, लेकिन 13 नवंबर-1997 को बाबू महाराज और मुन्नन मिश्रा ने मिलकर एकबार फिर से गंगोत्री सेवा समिति के बैनर तले भव्य गंगा आरती की शुरुआत की। कुछ समय के बाद मुन्नन महाराज ने घाट के दूसरे हिस्से में गंगा सेवा निधि की ओर से दैनिक आरती शुरू कराई।

Coronavirus Pandemic
रफतउद्दीन फरीद Desk/Reporting
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