बाबा विश्वनाथ का रुद्राभिषेक अब घर बैठे कर सकेंगे, इस दिन से शुरू होगी यह योजना

पूजन के लिए चढ़ना होगा ऑनलाइन चढ़ावा
मुख्यमंत्री योगी करेंगे ई-विश्वनाथ योजना का उद्घाटन

By: Mahendra Pratap

Published: 30 May 2020, 10:42 AM IST

वाराणसी. कोरोना के बढ़ते खतरे औऱ लॉकडाउन ने हमें डिजिटल के और करीब ला दिया है। सामाजिक दूरी बनी रहे इसलिए अपने सारे काम हम डिजिटल के सहारे कर रहे हैं। ऐसे में विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर मसान भी आरती के बाद अब बाबा का प्रिय रुद्राभिषेक भी ऑनलाइन करने की तैयारी कर रहा है। चार जून से भक्तों के लिए यह सुविधा शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वीडियोकांफ्रेंसिंग के जरिए इसका उद्घाटन करेंगे।

दो महीने से भी अधिक समय लॉकडाउन के लोगों ने बिता लिए हैं। काशी के मंदिरों खोलने की मांग भी लगतार की जा रही है। पर बनारस में बढ़ते केस और यहां उमड़ने वाली भीड़ का अनुमान लगाकर सरकार ने मन्दिरों को खोलने का अभी तक कुछ निर्देश नहीं दिया है। ऐसे में बाबा और भक्तों के बीच दूरी बढ़ती जा रही है। इसे समाप्त करने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने ई-विश्वनाथ योजना शुरू करने का फैसला लिया है। भक्त पूरी दुनिया में कहीं से भी वीडियोकॉल के जरिए सीधे बाबा दरबार में वर्चुअल अभिषेक, पूजन, महामृत्युंजय जाप और अर्चन करा सकेंगे।

ई-विश्वनाथ योजना का छह माह तक ट्रायल :- मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने यह योजना खासकर एनआरआई श्रद्धालुओं को ध्यान में रखकर लागू की जा रही है। उन्होंने कहा की ई-विश्वनाथ योजना को छह महीने तक ट्रायल पर लागू किया जाएगा। उसके बाद इसे नियमित करने पर काम किया जाएगा।

ऑनलाइन चढ़ावा की व्यवस्था :- मन्दिर प्रशासन की तरफ से बताया गया कि मन्दिर के पुजारी श्रद्धालुओं को टैबलेट के जरिए जूम ऐप, व्हाट्सऐप वीडियोकॉल के माध्यम से संकल्प दिलाएंगे। इसके बाद रुद्राभिषेक, पूजन, महामृत्युंजय जाप और जलाभिषेक की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी, इसके लिए श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पेमेंट करना होगा।

पीएम मोदी ने पूजा की थी :- वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी बाबा के दरबार में आकर रुद्राभिषेक किया था। उन्होंने ने भगवान भोलेनाथ को पंचफूल की माला चढ़ाई थी, जो माला बेला, गेंदा, कुंद, जूही के पुष्पों से तैयार की गई थी। यह विशेष अवसरों के दौरान ही चढ़ाई जाती है। इतना ही नहीं मोदी ने बाबा विश्वनाथ को 101 पुष्प से बनी 3 मालाएं अर्पित की थीं, साथ ही कुल 303 श्वेत कमलों से निर्मित माला भगवान को चढ़ाकर समृद्धि की कामना की थी। काशी विश्वनाथ का रूद्राभिषेक पूजन विशेष फलदायी होता है।

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