वाराणसी. लम्बे समय से तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रिम कोर्ट में चल रही कानूनी लड़ाई का मंगलवार को फैसला आने के बाद, पूरे देश में खुशी का माहौल है। वही वाराणसी में लम्बे समय से तीन तलाक के मुद्दे पर लड़ाई लड़ रहे विभिन्न संगठनों ने इस फैसले का जोरदार स्वागत किया है। उनका कहना है कि, तीन तलाक के मिद्दे पर सुप्रिम कोर्ट ने मुस्लिम महिलाओं के साथ इंसाफ किया है। अब इस फैसले के बाद मुस्लिम महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर लगाम लग सकेगी। फैसले ने लाखों महिलों को नई जि़दगी दी है। अब मुस्लिम महिलाएं खुली हवा में सांस ले सकेगीं।

तीन तलाक पर सुप्रिम कोर्ट के फैसले के बाद वाराणसी के वरुणा नगर कॉलोनी में जश्न का माहौल है। महिलाएं एक दूसरे का मुंह मीठा करा बधाईयां दे रही है। फुलझडिया जला खुशी का इज़हार कर रही है। काशी से 4 साल पहले तीन तलाक के खिलाफ़ आवाज उठाने वाले विशाल भारत संस्थान, मुस्लिम महिला फाउंडेश्न और मुस्लिम राष्ट्री मंच से जुड़ी महिलाएं कह रही है। अब उनहे तीन तलाक से आजादी मिल चुकी है। वह संविधान और सुप्रिम कोर्ट का धन्यवाद करती है।

इन सबके बीच जब पत्रिका संवाददाता ने संस्था कि महिलाओं से बात की तो उनक कहाना था। उन्हें तीन तलाक की लड़ाई में तमाम दिक्तों का सामना करना पड़ा। संस्था कार्यकर्ताओं पर जान लेवा हमला से लेकर जान से मारने की धमकी तक। लेकिन हम रुके नहीं और हमारी जीत हुई। ये जीत उन तमाम महिलाओं की है जो तीन तलाक  से पीड़ित है। उन तमाम संगठनों की है जो सालों से इस लड़ाई को लड़ रहें है।

 

मौलवियों और धर्म गुरुओं द्वारा हो रहे शोषण पर लगेगी लगाम


मुस्लिम महिला फाउंडेशन की अध्यक्षा नाज़रीन कहती है कि "उन्हें इस फैसले से बेहत खुशी है। तीन तलाक का मसला आज पूरे देश का मसला है। जिसकी वजह से मुस्लिम महिलाओं को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। छोटी-छोटी बातों पर तलाक दे दिया जाता था। लेकिन अब इस फैसले के बाद मुस्लिम महिलाएं पूरी आजादी के साथ अपना जीवन जी सकेंगी। तीन तलाक के नाम धर्मगुरुओं की दुकाने अब बंद हो जाएंगी। दूसरी ओर हलाला के नाम पर वेश्यावृत्ती का जो माहौल बनाया जा रहा था, उस पर भी अब लगाम लग सकेगी। वह कहती है कि पिछले दिनों तीन तलाक से मुक्ति पाने के लिए 100 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया था। आज हनुमान जी का दिन है और मुस्लिम महिलाओं को आज तीन तलाक से मुक्ति मिल गई है।"

फैसले से दी नई जिंदगी

 

तीन तालक के खिलाफ काशी से आवाज बुलंद करने वाली संस्था के साथ जुड़ी गुड़िया कहती है कि "आज इस फैसले ने उन्हें नई जि़दगी दी है। इस फैसले से इतनी खुशी मिली है कि वह इसका इज़हार नहीं कर पा रही। वह भारतीय संविधान को दिल से धन्यवाद के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को भी बहोत बहोत शुक्रिया कहती है। वह कहता है कि मोदी जी ने हमारे अंदर हिम्मत पैदा की । अब हमें तीन तलाक से आजादी मिल गई है।"

तीन तलाक के फैसले का स्वागत करते हुए पातालपुरी मठाधीश्वर बालक दास ने सुप्रिम कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए फैसले को साधुवाद दिया। बाबा बालक दास ने मुस्लिम महिलाओं का माल्यार्पण कर उन्हें बधाई दी। उन्होनें कहा आज एक और कुरीति से मुक्ति मिल गई। हमारे यहां भी बहोत सी कुप्रथाओं को हमारे धर्म गुरुओं ने खत्म किया । एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि तीन जजों का फैसला बुहमत में है और वह इस फैसले का स्वागत करते है।

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