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नोएडा- गाजियाबाद में कोरोना के केस बढ़ते ही वाराणसी अलर्ट मोड में

यूपी के नोएडा और गाजियाबाद में कोरोना के केस बढ़ते ही वाराणसी का स्वास्थ्य अमला अलर्ट मोड में आ गया है। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने सभी अस्पतालों को अलर्ट जारी करते हुए कोरोना की सैंपलिंग तेज करने को कहा है। खास तौर पर बच्चों पर विशेष निगाह रखने की हिदायत दी है।

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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक फोटो)

कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक फोटो)

वाराणसी. नोएडा और गाजियाबाद में कोरोना के केस बढ़ने और स्थानीय स्वास्थ्य व जिला प्रशासन के हाई अलर्ट करने के बाद वाराणसी में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। वैसे वाराणसी में बुधवार को मिले एक पॉजिटिव केस के बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या 6 ही है। बावजूद इसके एहतियातन सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है।

बता दें कि नोएडा और गाजियाबाद में कोरोना संक्रमण की जद में 38 छात्र और चार शिक्षक आए हैं। इसके बाद से वहां का स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है। सीएमओ ने इस संबंध में जिला स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को पत्र भी लिखा है। गाजियाबाद और नोएडा में इस तरह से बच्चों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की सूचना के बाद से वाराणसी का स्वास्थ्य महकमा भी अलर्ट मोड में आ गया है। वैसे भी इस समय बीएचयू के सर सुंदरलाल चिकित्सालय और कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में भीषण गर्मी के चलते बीमार बच्चों की तादाद में जबरदस्त उछाल आया है। रोजाना ओपीडी में रोजाना दो से ढाई सौ बच्चे आ रहे हैं।

वाराणसी में कुल 6 कोरोना संक्रमित
बनारस में कोरोना को लेकर फिलहाल हालात सामान्य ही हैं। बुधवार को कोरोना का एक नया केस जरूर मिला है जिसके बाद जिले में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या छह हो गई है। लेकिन जिस तरह से गाजियाबाद और नोएडा में कोरोना की चपेट में बच्चे आए हैं उसके बाद से ऐसा अनुमान लगाया जाने लगा है कि कहीं चौथी लहर बच्चों को लेकर तो नहीं आ रही। ऐसे में जिले के सभी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है।

टीकाकरण की रफ्तार और तेज करने के निर्देश

सीएमओ डॉ चौधरी ने पत्रिका को बताया कि सभी अस्पतालों यहां तक कि सभी पीएचसी को भी टीकाकरण में और तेजी लाने तथा संदिग्घ लोगों की जांच की हिदायत दे दी है। उनका कहना है कि टीकाकरण ही है जो लोगों की रक्षा कर सकता है। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि वयस्क खुद और बच्चों का टीकाकरण जरूर कराएं। सीएमओ डॉ चौधरी ने सभी अस्पतालों में कोरोना सैंपल लेने की व्यवस्था के निर्देश भी दिए हैं।

आरटीपीसीआर जांच सुविधा बीएचयू और कबीरचौरा के मंडलीय अस्पताल में

बता दें कि वैसे तो सैंपलिंग के सुविधा सभी अस्पतालों में है, लेकिन आरटीपीसीआर जांच की सुविधा चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बीएचयू के एमआरयू लैब व कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में ही हैं। एमआरयू लैब की क्षमता प्रतिदिन 6000 सैंपल जबकि मंडलीय अस्पताल में 2000 सैंपल जांच की क्षमता है। इसमें बीएचयू के एमआरयू लैब में तो पूरे पूर्वांचल से सैंपल आते हैं। साथ ही जीनोम सिंक्वेसिंग का भी पूर्वांचल में यही एक मात्र स्थान है।

जिले में 60 लाख से ज्यादा का टीकाकरण

यहां ये भी बता दें कि नोएडा-गाजियाबाद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोरोना पाजिटिव केस बढ़ता देख कोरोनारोधी टीकाकरण तेज कर दिया गया है। विभिन्न टीकाकरण केंद्रों पर आयोजित 306 सत्रों में कुल 7142 लाभार्थियों का टीकाकरण किया गया। इसमें 4264 लाभार्थियों को प्रथम, 2315 लाभार्थियों को दूसरी व 563 लोगों को एहतियाती डोज दी गई है। साथ ही 12 से 14 वर्ष के 3893, 15 से 17 वर्ष के कुल 464 किशोर-किशोरियों, 18 से 44 वर्ष के 1,649 लाभार्थियों को, 45 से 59 वर्ष के 355 लाभार्थियों व 60 वर्ष से ऊपर के 209 लाभार्थियों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया। सीएमओ ने बताया कि अभी तक जिले में कुल 60 लाख 28 हजार 306 कोरोना डोज लगाई जा चुकी हैं।