पुलिस वाले ने तोड़ा कानून, पुलिस ने पकड़ा

पुलिस वाले ने तोड़ा कानून, पुलिस ने पकड़ा
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सर्विस रिवाल्वर लेकर गैर जिले में घूम रहा था दारोगा


वाराणसी. हेडिंग पढ़कर आप भी चकरा गए होंगे कि भला पुलिस वाले को कौन पकड़ेगा और पकड़ेगी भी तो पुलिस। जी हां, यह सच है। पुलिस वाले को पुलिस ने ही पकड़ा है और वह भी एक नहीं दो-दो कानून तोडऩे के आरोप में। फिलहाल दारोगा जी अब फंस गए हैं और विभागीय कार्रवाई की जद में आ गए हैं। फिलहाल पकड़म-पकड़ाई के इस खेल में मामला उलझ गया है। दारोगा ने वाराणसी के एसपी ट्रैफिक पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई का आरोप भी लगाया है।

जानकारी के अनुसार जौनपुर के थाना गद्दी चौकी प्रभारी विजय प्रताप सिंह का परिवार सारनाथ में रेलवे स्टेशन के समीप रहता है। सारनाथ में बुद्धिस्ट कान्क्लेव के तहत चालीस देशों के प्रतिनिधि जुटे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर वाराणसी पुलिस ने सारनाथ इलाके की घेरेबंदी कर रखी है। 

चौकी प्र्रभारी विजय प्रताप सुबह अपनी स्विफ्ट कार जिसके शीशों पर काली फिल्म चढ़ी थी और नंबर प्लेट पर पुलिस का लोगो लगा था, लेकर सारनाथ क्षेत्र में निकले थे। वाहनों की चेकिंग कर रहा एसपी ट्रैफिक की कार पर नजर पड़ी तो मामला संदिग्ध जान पड़ा और उन्होंने कार रोकवा दी। 

कार में उस दौरान दारोगा विजय प्रताप सादी वर्दी में था। उसने परिचय तो दिया लेकिन तत्काल परिचय पत्र नहीं दिखा सका। इस बीच कार से रिवाल्वर निकली तो पुलिसकर्मियों ने दारोगा को संदिग्ध समझकर घेर लिया क्योंकि खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी पुलिस के वेश में भी वारदात कर सकते हैं। जब तक दारोगा जौनपुर में अपने उच्चाधिकारियों से वार्ता कराता, एसपी ने सारनाथ पुलिस को सर्विस रिवाल्वर कब्जे में लेेने का आदेश दिया। पुलिस विभाग के नियमों के अनुसार जब भी कोई पुलिसकर्मी अपना जिला छोड़ता है तो पुलिस लाइन में आवंटित शस्त्र आमद कराना होता है जबकि चौकी प्रभारी सर्विस रिवाल्वर लेकर गैर जनपद वाराणसी में थे। 

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक देश की संवेदनशीलता को देखते हुए दारोगा ने गलत कार्य किया। कार पर भी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए पुलिस लोगो और काली फिल्म चढ़ी थी। फिलहाल वाराणसी के उच्चाधिकारियों ने जौनपुर के पुलिस अधीक्षक से मामले में जांच कर नियम कानून तोडऩे वाले दारोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को कहा है। 

उधर दारोगा विजय प्रताप का कहना है कि वाराणसी के पुलिस अधिकारियों ने द्वेषपूर्ण कार्रवाई की है। आरोप लगाया कि फटाफट मीडिया को सूचना देने के साथ ही कुछ देर के लिए मुझे फर्जी दारोगा बना दिया। जांच-पड़ताल में मैं सही निकला तो शस्त्र जमा करवा लिया जबकि मैं एक मुकदमे की तारीख के सिलसिले में वाराणसी आया था। फिलहाल गलती तो दारोगा की है। अब देखना होगा कि जौनपुर पुलिस कानून तोडऩे वाले आरोपी दारोगा के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है। 
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