Breaking news जय गुरुदेव आश्रम के प्रबंधक समेत पांच के खिलाफ मुकदमा

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पंकज बाबा ने छोड़ा बनारस, जनता पूछ रही सवाल

वाराणसी. जय गुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज यादव की ओर से वाराणसी में कराए गए समागम के दौरान मची भगदड़ में 25 लोगों की मौत के मामले में वाराणसी पुलिस ने आश्रम के प्रबंधक समेत पांच लोगों के खिलाफ रामनगर थाने में मुकदमा कायम किया है। मुख्य आयोजनकर्ता पंकज यादव उर्फ पंकज बाबा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज न किए जाने को लेकर बनारस में चर्चाओं का बाजार गरम है कि सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव का करीबी होने के कारण पंकज यादव पर मुकदमा कायम नहीं किया गया।

पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों पर गाज गिरने के बाद तय माना जा रहा था कि अब आयोजकों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई होगी। पंकज यादव व उसके समर्थकों को भी इसकी भनक लग गई थी। अंदेशा था कि पंकज यादव के खिलाफ मुकदमा कायम हो सकता है इसलिए सोमवार को दोपहर में ही पंकज यादव ने लाव-लश्कर के साथ बनारस छोड़ मथुरा को निकल गए। 

रामनगर थाना प्रमुख ने राजघाट पुल पर शनिवार को शोभायात्रा के दौरान मची भगदड़ के दौरान हुई मौतों के मामले में आयोजनकर्ताओं पर सूचनाओं के छिपाने व लापरवाही के आरोप में जय गुरुदेव आश्रम के प्रबंधक बेचू प्रसाद गुप्ता समेत चरण सिंह, बाबूराम , अवधेश मणि त्रिपाठी और जसवंत प्रसाद के खिलाफ अपने ही थाने में आईपीसी की  143, 149, 177, 188, 304, 420 धारा के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। रामनगर थाना प्रमुख के अनुसार मुकदमा कायम होने के बाद प्रकरण की जांच कराई जाएगी और फिर कानूनी कार्रवाई होगी। पंकज यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज न होने के बाबत सवाल पूछे जाने पर सिर्फ इतना कहा कि जांच में जिनके नाम सामने आएंगे उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज होगी। 

गौरतलब है कि जय गुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज बाबा की ओर से वाराणसी के रामनगर स्थित डोमरी इलाके में दो दिवसीय सत्संग समागम का आयोजन किया गया था। आयोजन के पहले दिन शनिवार को समर्थकों ने शोभायात्रा निकाली थी। शोभायात्रा में लाखों श्रद्धालुओं के जुटने के चलते राजघाट पुल पर भीषण जाम लग गया। इस दौरान भीड़ में घुसे एक बाइक सवार की गलती के चलते पुल टूटने की अफवाह फैल गई। अफवाह के बाद ऐसी भगदड़ मची कि 25 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग जख्मी हो गए। 

प्रथम दृष्टया पूरे प्रकरण में जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी दोषी पाए गए। मुख्यमंत्री ने घटना के बाद वाराणसी के एसएसपी को जिले से हटा दिया और एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक, सीओ कोतवाली, रामनगर, मुगलसराय थाना प्रमुख को सस्पेंड कर दिया था। घटना के दूसरे दिन एडीएम सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट भी हटा दिए गए और डीएम के के स्थानांतरण के बाबत चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। 
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