scriptVasantik Navratri Second day: Worshiping Jyestha Gauri and Maa Brahmacharini, prayed for happiness and prosperity | वासंतिक नवरात्र का दूसरा दिनः ज्येष्ठा गौरी और मां ब्रह्मचारिणी के मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु | Patrika News

वासंतिक नवरात्र का दूसरा दिनः ज्येष्ठा गौरी और मां ब्रह्मचारिणी के मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

वासंतिक नवरात्र के दूसरे दिन काशी के देवी भक्तों ने मान्यतानुसार ज्येष्ठा गौरी का दर्शन-पूजन किया। साथ ही शक्ति के उपासकों ने मां ब्रह्णचारिणी दरबार में शीश नवाया। इस मौके पर देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब भोर से ही उमड़ पड़ा था। ब्रह्म मुहूर्त में मां ज्येठा गौरी की मंगला आरती के बाद मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया।

वाराणसी

Updated: April 03, 2022 12:37:08 pm

वाराणसी. वासंतिक नवरात्र के दूसरे दिन देवी भक्तों ने मां भगवती के गौरी स्वरूप ज्येष्ठा गौरी का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। वासंतिक नवरात्र में देवी के गौरी स्वरूप के ही दर्शन-पूजन की मान्यता है। हालांकि शक्ति के उपासकों ने मां ब्रह्मचारिणी के दरबार में शीश नवाया। मां ज्येष्ठा गौरी के दर्शन-पूजन के लिए भोर से ही भक्तों की भीड़ मंदिर के बाहर जमा हो गई थी। ब्रह्म मुहूर्त मंदिर के अर्चक ने मंगला आरती के बाद मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए खोला भक्तों ने जयमादी दी का उद्धोष किया।
मां ज्येष्ठा गौरी
मां ज्येष्ठा गौरी
ज्येष्ठा गौरी के दर्शन-पूजन की ये है मान्यता

देवी पुराण के वर्णन के अनुसार ज्येष्ठा गौरी के दर्शन पूजन से व्यक्ति की समस्त सद्कामनाएं पूर्ण होती हैं। ज्येष्ठा गौरी के दर्शन-पूजन से मुख्यत: व्यक्ति के हृदय में धर्म के प्रति अनुराग बढ़ता है।
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मां ब्रह्मचारिणीब्रह्मचारिणी देवी के मंदिर में भी लगी रही कतार

उधर शक्ति स्वरूपा मां ब्रह्मचारिणी देवी के दर पर भी शीश नवाने के लिए भक्तों की कतार ब्रह्म मुहूर्त से ही लगी है। भक्त माता को प्रसाद, नारियल, चुनरी अर्पित करके सुख-समृद्धि की कामना कर रहे। माता के दर्शन को आने वाले भक्तों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा के भी कड़े बंदोबस्त किए गए है।
दूर-दूर तक सजी हैं माल-फूल की दुकानें

मंदिर के आसपास माला-फूल और चुनरी की दुकानें दूर तक सजी रहीं। कर्णघंटा के निकट सप्तसागर मोहल्ले में देवी ज्येष्ठा गौरी की जय और जय माता दी के घोष के बीच सुबह से शुरू दर्शन-पूजन का क्रम अब देर रात तक जारी रहेगा। भक्तों ने देवी को प्रसन्न करने के लिए नारियल, चुनरी, अड़हुल की माला, चना, बतासा आदि अर्पित कर धूप और दीप से देवी भगवती की आरती की। मंदिर परिवार की ओर से नारियल का प्रसाद भक्तों के बीच वितरित किया गया।

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