बाहुबलियों का यह शौक अब भरेगी सरकार की झोली

बाहुबलियों का यह शौक अब भरेगी सरकार की झोली
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अखिलेश सरकार ने खेला  दांव, वीआईपी नंबर का काफिला रखने वालों की अब नहीं चलेगी मनमानी

विकास बागी


वाराणसी. आपने देखा होगा जब उत्तर प्रदेश के दबंग नेताओं, बाहुबलियों का काफिला धूल उड़ाते गुजरता तो उस कारवां में अधिकतर एक ही नंबर की गाडिय़ां होती है। यूपी के बाहुबलियों व कद्दावर नेताओं का यह शौक काफी पुराना है। पहले दबंगई के बल पर फिर रुपयों के बल पर मनचाहे वाहन नंबर हासिल करने वाले बाहुबलियों की राह में उत्तर प्रदेश की सरकार ने ऐसा दांव खेला है कि  अब नंबर गेम के शौकीन भी मनचाहा नंबर हासिल कर सकेंगे और सरकार की झोली भी भरेगी। 


उत्तर प्रदेश सरकार ने वीआईपी नंबर्स के लिए पुरानी व्यवस्था को रद करते हुए नया नियम लागू किया है। अब तक उत्तर प्रदेश में वीआईपी नंबर्स के लिए सरकार ने ऊंची कीमत रख रखी थी जिसे बाहुबली रुपये व दबंगई के बल पर हासिल कर लेते थे। सरकार ने अब ऐसे वीआईपी नंबर के लिए नीलामी की व्यवस्था कर दी है। परिवहन कार्यालय परिसर में होने वाली इस नीलामी में जो जितनी ऊंची बोली लगाएगा वीआईपी नंबर उसे ही एलाट होंगे। 


पूर्व में लोग आकर्षक और वीआईपी नंबर अपने दंबगई के बल पर हासिल कर लेते थे। सरकार ने जब देखा कि वाहनों के वीआईपी नंबर का शौक अब दबंगों से होते हुए आम लोगों में भी है तो आकर्षक और वीआईपी नंबर के लिए शुल्क की व्यवस्था की। आकर्षक नंबर मसलन 0101, 0202 हासिल करने के लिए वाहन स्वामी को पंद्रह हजार रुपये, वीआईपी नंबर के लिए साढ़े सात हजार रुपये सेे लेेकर साढ़े तीन हजार रुपये तक शुल्क रखा गया था। 


अखिलेश सरकार को इस बाबत शिकायत मिली थी कि इस व्यवस्था से भी आम लोग मनचाहा नंबर नहीं ले पा रहे क्योंकि परिवहन विभाग जानकारी दिए बिना ही आकर्षक नंबर दबंगों सफेदपोश को थमा देता है। सरकार ने इसपर ध्यान देना शुरू किया और ऐसा दांव खेला कि अब सरकार की झोली में पहले से अधिक राजस्व आएगा और पारदर्शिता भी बरकरार रहेगी। 


वाहनों के अतिमहत्वूर्ण व आकर्षक नंबर अब नीलाम होंगे। नई व्यवस्था के तहत अब वाहनों के पंजीयन की नई सिरीज शुरू होने के साथ ही आगामी एक सप्ताह के भीतर आकर्षक नंबरों की कार्यालय में नीलामी होगी। नीलामी की शुरूआती बोली पूर्व निर्धारित शुल्क से शुरू होगी। नीलामी में बोली लगाने वालों की संख्या तीन से कम होगी तो नीलामी की तारीख बढ़ा दी जाएगी। बढ़ी तिथि में भी अगर संख्या इतनी ही रहती है या उससे कम तो फिर बोली लगाने वाले को उक्त नंबर दे दिया जाएगा। 


एक ही नंबर के वाहनों का काफिला लेकर चलने वाले बाहुबलियों की बात की जाए तो पूर्वांचल में सबसे पहले मोख्तार अंसारी का नाम सामने आता है। बाजार में एसयूवी टाटा सफारी उतरी थी तब बाहुबली मोख्तार अंसारी लाल रंग की टाटा सफारी के काफिले से चलता था। काफिले में मौजूद सभी गाडिय़ों के नंबर 786 होते थे। कांग्रेस विधायक अजय राय, बाहुबली एमएलसी बृजेश सिंह के विधायक भतीजे सुशील सिंह समेत पूर्वांचल के तमाम बाहुबली व दबंग सफेदपोश अपने काफिले में एक नंबर की कई गाडिय़ों के साथ चलते हैं। 
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