Vishwanath Temple जाने का रास्ता बंद करने के विरोध में व्यापारी द्वार पर बैठे धरने पर

Vishwanath Temple जाने का रास्ता बंद करने के विरोध में व्यापारी द्वार पर बैठे धरने पर
विश्वनाथ गली व्यापारियों का धरना

Ajay Chaturvedi | Updated: 11 Oct 2019, 03:03:38 PM (IST) Varanasi, Varanasi, Uttar Pradesh, India

-Vishwanath Temple जाने का सुगम रास्ता है ढुंढिराज गणेश मंदिर की ओर से
-व्यापारी बुधवार रात से ही हैं आंदोलित
-रास्ता बंद होने से कारोबार बर्बाद होने का अंदेशा

वाराणसी. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर जाने के प्रमुख व सुगम मार्ग गेट नंबर-1 (ढुंढिराज गणेश मंदिर मार्ग) बंद किये जाने के विरोध में विश्वनाथ गली व्यापार मंडल का धरना जारी है। व्यापारी धरने के तीसरे दिन स्थान बदल कर अब ऐन ढुंढिराज गणेश मंदिर के समीप ही धरने पर बैठे हैं। उन्होंने मंदिर प्रशासन पर हठवादिता का आरोप लगाया है।

बता दें कि श्री विश्वनाथ गली व्यवसायी समिति के व्यापारी बुधवार की रात से ही धरने पर हैं। गुरुवार को दिन भर दुकानें बंद कर वो आज कोतवालपुरा इलाके में धरने पर बैठे रहे। तीसरे दिन शुक्रवार को वो पहुंच गए गेट नंबर एक ढुंढिराज गणेश मंदिर और वहीं बैठ गए धरने पर। उनका कहना है कि अचानक ढुंढिराज गणेश मार्ग बंद कर दिया गया। इसका कारण भी कोई नहीं बता रहा है कि यह गेट आखिर बंद क्यों किया गया।

व्यापारियों का कहना था कि बुधवार की रात मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने लेटर जारी करके आदेश पारित किया कि ध्वस्तीकरण के नाम पर गेट न.1 ढुंढिराज गणेश प्वाइंट को बंद कर दिया जाएगा। पत्र के तहत गुरुवार की सुबह आवागमन बंद हो गया। यानी इस तरफ से दर्शनार्थियों का आना-जाना बंद। यहां यह भी बता दें कि इस गेट पर तमाम दुकानें हैं जहां प्रसाद, माला-फूल आदि की बिक्री होती है। आम तौर पर शहर के दर्शनार्थी इसी मार्ग से मंदिर आया-जाया करते हैं।

मान्यता है कि बाबा का दर्शऩ करने के पहले गणेश जी को नमन करके ही आगे बढ़ा जाता है। इस मार्ग पर पहले गणेश जी फिर मां अन्नपूर्णा उसके बाद हनुमान जी, शनिदेव उसके बाद बाबा विश्वनाथ का दरबार है। ऐसे में यह गेट नंबर-1 बंद होने से मां अन्नपूर्णा और शनिदेव के दर्शनार्थियों को भी परेशानी हो रही है।

उधर विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ कुलपति तिवारी को उनके ऐतिहासिक भवन जहॉ परंपरानुसार 350 वर्षो से बाबा की चल प्रतिमाओं का पूजन होता है। बाबा की पालकी यात्रा का निर्वहन होता है को जबरदस्ती बेचने के दबाव के मानसिक प्रताणना के कारण चार दिनो से अन्न-जल का त्याग कर देने से गंभीर बिमारी से ग्रस्त हो गये और उन्हे बीएचयू मे भर्ती कराना पडा।

पहले हो पुनर्वास, दिन में बंद रहे ध्वस्तीकरण

कॉरिडोर कार्य योजना से हमे कोई दिक्कत नही है। घोषणाओं के बाद भी कॉरिडोर का नक्शा सार्वजानिक नही किया गया। हमारी मांग है कि ढुंढिराज गणेश से सरस्वती फाटक के बीच क्रय किए गए भवनों के दुकानदारों को पहले अन्यत्र बसा कर ही भवन ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो। ध्वस्तीकरण का कार्य मंदिर प्रशासन रात्रि में हो और दिन में रास्ता सामान्य रखा जाय ताकि व्यापारियों के जीवन यापन पर कोई असर न पड़े और रेड जोन परिसर में पड़ने वाले ऐतिहासिक भवनो, देवालय अक्षयवट हनुमान मंदिर, शनिदेव मंदिर व कैलाश मंदिर अन्नपूर्णा मंदिर का दर्शन भक्त निरन्तर कर सके। जबतक हमारी मांग पूरी नही होगी धरना जारी रहेगा।-महेश चंद्र मिश्रा,अध्यक्ष व्यापार मंडल

वार्ता के बाद भी मनमानी
मुख्य कार्यपालक अधिकारी से कुछ दिन पूर्व वार्ता की गई थी कि रेड जोन के दुकानदारों का जब तक कही स्थान्तरण नही किया जाएगा। तबतक क्षेत्र में ध्वस्तीकरण का कार्य नही किया जायेगा। उसपर सीईओ ने सहमति जताई थी। इसके बाद भी मंदिर प्रशासन अपने मनमानी रवैये पर उतर आया और गेट न.1 को बन्द कर दिया गया। खबर लिखे जाने तक मन्दिर मजिस्ट्रेट से व्यापारियों की वार्ता जारी थी और धरना जारी रहा। - सोना लाल सेठ, महामंत्री व्यापार मंडल

धरना प्रदर्शऩ में ये रहे शामिल
धरना प्रदर्शऩ करने वालों में मुख्य रूप से नवीन गिरी सोनालाल सेठ, राजरतन पटेल, कमल सेठ, भानु मिश्रा, मनोज साव, मुकेश बैरागी, राजकुमार सिंह, चंदन झा, सैलू साव, वीरेंद्र सेठ, गुंजन जयसवाल, भूपेंद्र शर्मा सहित सैकड़ों व्यापारी उपस्थित रहें।

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