बिहार में हुई मौतों के पीछे यूपी तो नहीं जिम्मेदार 

बिहार में हुई मौतों के पीछे यूपी तो नहीं जिम्मेदार 
hooch death in bihar

गोपालगंज में जान लीलने वाली जहरीली शराब कहीं उत्तर प्रदेश में तो नहीं हुई थी तैयारी, बनारस समेत बिहार से सटे अन्य जिलों से होती है तस्करी


वाराणसी. बिहार के गोपालगंज से बुधवार सुबह जो दुखद खबर आई उससे बिहार में शराबबंदी के बाद देश की राजनीति में हलचल मचाने और अपना कद बढ़ाने को बेचैन मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को तगड़ा झटका लगा है। बिहार के गोपालगंज में एक के बाद एक कर तेरह लोगों की मौत हो चुकी है जबकि अभी भी अस्पताल में कई की हालत नाजुक बनी है। बिहार स्वास्थ्य प्रशासन का कहना है कि मौत का कारण जहरीली शराब नहीं है लेकिन कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। जबकि मरने वालों के परिजनों ने मीडिया को बताया है कि सभी कल रात शराब पीने गए थे। 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट भले ही कुछ आए लेकिन सरकार पर चौतरफा हमला हो चुका है। बीजेपी समेत तमाम नीतिश विरोधी दल का कहना है कि पूर्ण शराबबंदी के चलते ही बिहार व उससे सटे राज्यों में अवैध शराब का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है। अवैध शराब के चलते ही इतनी मौतें हुई हैं जिसके लिए नीतिश सरकार जिम्मेदार है। अधिक मुनाफा के लालच में शराब तस्कर केमिकल का इस्तेमाल कर रहे जिसके चलते लोगों की जान पर बन आई है। 

गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री ने जब से राज्य में पूर्ण शराबबंदी की है, राज्य में शराब तस्करी की वारदात बढ़ गई है। बिहार के ग्रामीण इलाकों, ईंट-भटïठों पर कच्ची शराब तेजी से बन रही है। कुछ दिन पहले ही वाराणसी के पड़ोसी जिले गाजीपुर में पुलिस ने लगभग सात लाख रुपये मूल्य की शराब पकड़ी थी जो नमक की बोरियों में छिपाकर बिहार जा रही थी।

आशंका है कि गोपालगंज में पहुंची शराब यूपी से तो नहीं पहुंची थी। गोपालगंज से उत्तर प्रदेश का सबसे नजदीक  जिला गोरखपुर है। गोरखपुर के साथ ही ट्रेन के जरिए बनारस से भी आसानी से गोपालगंज पहुंचा जा सकता है। ट्रेन और बस से बिहार में शराब की तस्करी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। 

गोपालगंज में एक दर्जन से अधिक मौत की खबर बनारस पहुंची तो लोगों के जेहन में छह साल पहले की घटना कौंध गई। फरवरी 2010 में वाराणसी के सोयेपुर, मिर्जामुराद में जहरीली शराब के चलते दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के कुछ दिन बाद ही पड़ोसी जिले मीरजापुर में भी जहरीली शराब ने कई घरों के दीपक बुझा दिए थे। 
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