वाराणसी. साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के बादशाहबाग स्थित कार्यालय में गुरुवार को डिजिटल लैब का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर हैंडलूम व वस्त्र उद्योग के सहायक आयुक्त नितिश धवन ने कहा कि बुनकरी के क्षेत्र में पुरुषों का वर्चस्व रहा है। महिलाओं को पुरुषों का वर्चस्व तोड़ कर अपनी अलग पहचान बनानी होगी।
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उन्होंने कहा कि जो महिलाएं यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है वह स्वावलंबी बनने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रही है। महिलाओं को डिजाइनिंग बनाने के लिए अब इधर-उधर भागना नहीं पड़ेगा। साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट की नयी लैब इस काम में महिलाओं की मदद करेगी। साथ ही महिलाएं ई-पोर्टल के जरिए अपने प्रोडेक्ट की मार्केटिंग भी कर सकती है।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डा.रितु गर्ग ने कहा कि डिजाइनिंग के क्षेत्र में चिक कैड साफ्टवेयर वरदान साबित हुआ है। महिलाएं अब घर बैठे खुद की डिजाइनिंग को इंटरेनेशनल मार्केट में बेच सकती है। वाराणसी साड़ी का भविष्य बहुत ही अच्छा है। साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि डिजिटल डिजानिंग का प्रशिक्षण नि:शुल्क दिया जाता है। आईटी के माध्यम से बुनकरी एवं जरी-जरदोजी के क्षेत्र में कार्य कर रही महिलाओं को बहुत लाभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी का यह अपने तरह का पहला केन्द्र है। यहां पर आईसीटी के प्रयोग से डिजाइनिंग व कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जाता है और मल्टी मीडिया के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट व इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के सहयोग से हुनर ए बनारस कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके तहत आजीविका उन्नयन में सूचना प्रौद्योगिकी का योगदान विषयक सेमिनार का आयोजन किया गया था। संचालन सपना सिन्हा व धन्यवाद ज्ञापन प्रदीप मौर्या ने किया। इस अवसर पर अग्रसेन कन्या पीजी कालेज के डा.आकाश, कंचन पाठक, एमएस फरीदी, दीक्षा सिंह, स्वाति श्रीवास्तव, शबीना बानो आदि लोग उपस्थित थे।
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