वाराणसी. अंतर्राष्ट्रीय योदृग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में योगाभ्यास का एक अनोखा कार्यक्रम भी हुआ। गंगा घाट पर जमा युवक-युवतियों ने काशी की जहरीली आबो हवा के विरोध में मास्क पहन कर योगाभ्यास कर दिया संदेश, वायु प्रदूषण से निबटे बगैर योग हो सकता है घातक। हालांकि ऐसा नहीं कि यह अनोखा योगाभ्यास केवल बनारस में ही हुआ बल्कि क्लाइमेट एजेंडा का यह अनोखा आयोजन वाराणसी के अलावा देश के 5 प्रमुख शहरों में हुआ। उत्तर प्रदेश में बनारस ने अगुवाई की।


विश्व योगा दिवस के अवसर पर क्लाइमेट एजेंडा द्वारा वाराणसी में गंगा किनारे शिवाला घाट पर आयोजित इस योगाभ्यास में शामिल सभी नागरिकों ने दिन प्रतिदिन बढ़ते वायु प्रदूषण और मनुष्य के श्वसन तंत्र के माध्यम से स्वास्थ्य पर पड़ते घातक असर के प्रति ध्यान आकृष्ट कराने के लिए मास्क पहन कर योगाभ्यास किया। बनारस के साथ साथ बंगलूरू, कोलकाता, दिल्ली और मुंबई में भी यह कार्यक्रम एक साथ आयोजित किया गया।

वायु प्रदूषण से बचते हुए मास्क पहन कर किये गए इस अनूठे आयोजन के बारे में क्लाइमेट एजेंडा की मुख्य अभियानकर्ता एकता शेखर ने बताया “योग वास्तव में हमारे शरीर को स्वस्थ रखने वाला व्यायाम है। विज्ञान ने भी विभिन्न आसनो को शारीरिक क्षमता वृद्धि के लिए काफी मददगार माना है। लेकिन, बनारस सहित पूरे पूर्वांचल में जिस प्रकार वायु प्रदूषण की स्थिति काफी घातक स्तर पर जा पहुच गई है, उसमे खुली हवा में योग करना स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। बढ़ते वायु प्रदूषण के इस दौर में, इस समस्या का व्यापक समाधान दिए बगैर सरकारों द्वारा योग को बढ़ावा देना दर असल वायु प्रदूषण की समस्या को नजरअंदाज करने जैसा है।” एकता शेखर ने कहा कि सरकार को राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम को जल्द से जल्द और मजबूत इरादों के साथ शुरू करना चाहिए, अन्यथा काफी देर हो जाएगी।

योग प्रशिक्षक योगेश चन्द्र गुप्ता ने बताया “योग मुख्य रूप से श्वसन आधारित व्यायाम है। इसका अभ्यास मानव शरीर में प्राणवायु का संचार करता है। लेकिन, प्राणवायु में जब अधिकांश मात्रा में पार्टिकुलेट मैटर पीएम 10 व पीएम 2.5 घुल चुके हों, तो ऐसे में पहले हवा को स्वच्छ करने के लिए ठोस कदम उठाया जाना चाहिए। मास्क पहन कर योगा करने की वजह यही है की हम सरकारों और जनता का ध्यान इस ओर खीचना चाहते हैं।”

बनारस शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक एवं श्वसन रोग विशेसग्य डॉ आरएन वाजपेयी ने बताया “योग के दौरान हमारा शरीर वायु की अधिकतम मात्रा ग्रहण करता है. ऐसे में, ऑक्सीजन के साथ प्रदूषण के घातक कण भी नाक के रास्ते फेफड़े तक पहुंचाने में कामयाब हो जाते हैं, फिर यह नुकसान पहुंचाने वाले कण हमारे रक्त में घुल कर घातक बीमारियों का शिकार बनाते हैं। योग के महत्व पर बिना सवाल उठाए यह जरूर सोचना होगा कि प्रदूषित हवा में की जाने वाली गतिविधि हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाती है।”

इस कार्यक्रम में फादर आनंद, मुकेश झांझरवाला, मुकेश उपाध्याय, डा इंदु, विशाल त्रिवेदी, दिवाकर, शाइस्ता, नेहा, महिमा, खुशबू, रवि, नरेन्द्र, विवेक, आकाश, सूर्य, सौरभ यादव, ओम प्रकाश, सानिया अनवर, रितेश समेत सैकड़ों लोग उपस्थित हुए. कार्यक्रम का समापन प्रेरणा कला मंच के गीत से किया गया.

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