नागौर. पहले तो सुस्ती दिखाई, अब मार्च यानि की वित्तीय सत्र समाप्त होने का समय आया तो फिर डिस्कॉम को बकाए वसूली की याद आई है। अब वसूली अभियान में डिस्कॉम सरकारी विभागों पर तो मेहरबान है, लेकिन आम उपभोक्ताओं का कनेक्शन पांच हजार होने पर भी काट दिया जा रहा है। जबकि सरकारी विभागों का कुल बकाया 34 करोड़ 13 लाख का बकाया है। राजकीय विभागों से वसूली में नाकाम रहे डिस्कॉम के अधिकारियों का रटा-रटाया जवाब रहता है कि इनको वसूली के लिए स्मरण पत्र दिए रहे हैं, लेकिन आम उपभोक्ताओं को स्मरण पत्र यानि की चेतावनी पत्र भी नहीं दिया जा रहा। इनका सीधा कनेक्शन विच्छेद कर दिया जा रहा है।
203 करोड़ से ज्यादा का बकाया
डिस्कॉम का सरकारी एवं गैर सरकारी विभागों पर कुल मिलाकर बकाया 20339.07 लाख का बकाया है। इसमें गैर सरकारी विभागों के बकाए में 16926 लाख है, लेकिन इसमें व्यवसायिक एवं गैर व्यसायिक सहित कृषि आदि अन्य कनेक्शनों की बकाया राशि शामिल है।
नगरीय निकायों का सर्वाधिक बकाया
बकाएदारों में स्ट्रीट लाइटों में सर्वाधिक बकाया नगरीय निकायों का रहा है। नगरीय निकायों में नागौर नगरपरिषद, बासनी एवं कुचेरा नगरपालिका आदि का कुल बकाया 1741.80 लाख का बकाया है। दूसरे नंबर पर बकाएदारों की हिटलिस्ट में जलदाय विभाग है। इनके ऊपर 1132.07 लाख का बकाया है। इसी तरह सरपंचों पर 308 लाख एवं पुलिस महकमे पर भी 15 करोड़ से ज्यादा का बकाया है।
बकाए की स्थिति पर एक नजर
बकाएदार राशि
गैर सरकारी बकाया 16926.07 लाख
घरेलू 9522.58 लाख
गैर घरेलू 1379.62 लाख
पीएचडीई 1132.07 लाख
पंचायत कनेक्शन 308.93 लाख
स्ट्रीटलाइट 1741.80 लाख
पुलिस महकमा 15.63 लाख
जिला प्रशासन आफिस 46.10 लाख
केन्द्रीय दफ्तर 62.20 लाख
अन्य 168
कलक्टर के साथ की बैठक
डिस्कॉम के अधीक्षण अशोक चौधरी की जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित के साथ ही इस बकाया वसूली के संदर्भ में हुई बैठक में चर्चा की गई। बताते हैं कि बैठक में अन्य विभागों के अधिकारियों को भी बकाया जमा कराए जाने के दिशा-निर्देश कलक्टर पुरोहित की ओर से दिए गए। कहा गया कि बकाया जल्द से जल्द जमा कराया जाए। ताकि विभागों की ओर से बकाया राशि का भार कम हो सके।
इनका कहना है…
जिले में कुल बकाया 203 करोड़ 39 लाख का है। सर्वाधिक बकाएदारों में नगरीय एवं जलदाय विभाग हैं। इनको बकाया राशि जमा कराए जाने के लिए स्मरण पत्र जारी किए गए हैं। अन्य बकाएदारों से भी विभाग की ओर से वसूली की जा रही है।
अशोक चौधरी, अधीक्षण अभियंता अजमेर डिस्कॉम-नागौर