जिला अस्पताल का कर्मचारी संक्रमित: डॉक्टर्स डे के पूर्व आठ डॉक्टर समेत 30 कर्मचारी मुश्किल में

सैंपल देने के बाद भी पूरे समय करता रहा जिला चिकित्सालय में काम

By: govind saxena

Published: 30 Jun 2020, 05:11 PM IST

विदिशा. डॉक्टर्स डे की पूर्व संध्या जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन समेत डॉक्टर्स और स्टॉफ के लिए चिंता की खबर लेकर आई। सिविल सर्जन कार्यालय में पदस्थ एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जो एक दिन पहले तक अस्पताल में काम काज में उनके साथ था, उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस रिपोर्ट की खबर मिलते ही पूरे जिला चिकित्सालय में अफरातफरी मच गई। सिविल सर्जन समेत कई डॉक्टर, नर्सिग और कार्यालयीन स्टॉफ के सैँपल लेकर उन्हें क्वारंटीन में जाना पड़ा है। इसके दो दिन पहले से भी विदिशा के दो निजी चिकित्सक अंजाने में ही संक्रमित के संपर्क में आने के बाद से क् वारंटीन में हैं। जिला चिकित्सालय के डॉक्टर्स और ये प्रायवेट डॉक्टर भी ऐसे चिकित्सकों में शुमार हैं, जो लगातार कोरोना काल में लोगों के उपचार में अपनी सेवाएं रात दिन दे रहे थे। लेकिन दूसरों का उपचार करते-करते इनको भी मुश्किल ने आ घेरा है। जरूरी नहीं कि ये संक्रमित हों, लेकिन संक्रमित के संपर्क में आने के कारण इन सभी को क्वारंटीन होकर एहतियात बरतना पड़ेगा।


जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ संजय खरे के कार्यालय में काम करने वाला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जो डाक लाने-ले जाने सहित मेडिकल बोर्ड आदि के काम में भी मौजूद रहता था, उसको हाथ पैर दर्द की शिकायत हुई। उसने जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक को दिखाया। उन्होंने पूछताछ में पता किया कि पीडि़त व्यक्ति आठ दिन पहले रायसेन गया था और वह वहां जाता रहता था। एहतियात के आधार पर उन्होंने उसे कोरोना की जांच के लिए सैंपल के लिए भी कह दिया। डॉ प्रदीप गुप्ता ने उसका कोरोना सैंपल का पर्चा बना दिया। इसके बाद उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में जैसे ही उसके संक्रमित होने की पुष्टि हुई तो पूरे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। सिविल सर्जन के साथ ही कई डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ और कार्यालयीन स्टॉफ भी परेशान हो उठा। हर उस व्यक्ति के माथे पर चंाि की लकीरें थीं जिसके संपर्क में वह कल तक रहा है। जिला चिकित्सालय सूत्रों की मानें तो उक्त कर्मचारी जिला चिकित्सालय की डाक लाने-ले जाने का काम करता था। इस काम के लिए वह सिविल सर्जन, जावक लिपिक सहित जिला अस्पताल के डॉक्टर्स, सीएमएचओ ऑफिस, बीएमओ ऑफिस के भी कई लोगों के संपर्क में आता रहा है। गुरूवार को लगने वाले मेडिकल बोर्ड में भी वह चिकित्सकों के साथ मौजूद था। जिला अस्पताल में सैंपल लिए जाने के बाद भी वह एक समाजसेवी संगठन के कार्यक्रम में बिना मॉस्क के ही कुछ कर्मचारियों के साथ मौजूद रहा। ऐसे में उन कर्मचारियों का घबराना स्वाभाविक है।

सैंपल देने के लिए लगी कतार
कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सुबह से ही उसके संपर्क में आए डॉक्टर्स और अस्प्तालकर्मियों की कतार अपना संैपल देने के लिए लग गई। सभी को होम क्वारंटीन के लिए कह दिया गया। बताया गया है कि सैंपल देने वालों में सिविल सर्जन डॉ संजय खरे, डॉ राजकुमार वर्मा, डॉ राकेश सक्सेना, डॉ प्रदीप गुप्ता, डॉ अशोक जैन, डॉ धर्मेन्द्र रघुवंशी, डॉ आरएल सिंह, डॉ विवेक गुप्ता सहित नर्सिंग स्टॉफ और कार्यालय के करीब 30 कर्मचारी शामिल हैं।

विदिशा के तीन व्यक्ति संक्रमित
सीएमएचओ डॉ केएस अहरवार ने बताया कि 29 जून की आधी रात को मिली रिपोर्ट के अनुसार विदिशा शहर के तीन लोग संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से एक व्यक्ति आज्ञाराम कॉलोनी और दो रंगियापुरा मोहल्ले के रहने वाले हैं। रंगियापुरा निवासी दोनों संक्रमित आपस में पिता-पुत्र हैं। जबकि आज्ञाराम कॉलोनी निवासी संक्रमित सिविल सर्जन कार्यालय में पदस्थ है।

सिरोंज के दो व्यक्ति पॉजिटिव
सिरोंज के दो व्यक्ति संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से एक व्यक्ति कठाली मोहल्ले का रहने वाला है और इसका इलाज काफी दिनों से भोपाल में चल रहा है। जांच के दौरान इसकी रिपोर्ट भोपाल में ही पॉजिटिव आई है। वहीं हाथी थान मोहल्ले में कोर्ट के पास रहने वाली एक महिला भी कोरोना संक्रमित पाई गई है।

डीपीसी ऑफिस में भी अफरातफरी
शहर में मिले तीन कोरोना संक्रमितों में से दो रंगियापुरा के हैं। ये दोनों एक ही परिवार के और पिता-पुत्र हैं। इसी परिवार के एक सदस्य जिला शिक्षा परियोजना समन्वयक(डीपीसी)कार्यालय में पदस्थ हैं। वे ग्यारसपुर में सब इंजीनियर हैं। इनके परिवार के दो सदस्यों के संक्रमित मिलने की सूचना से डीपीसी कार्यालय में भी अफरातफरी है। बताया गया है कि संबंधित सब इंजीनियर अब होम क् वारंटीन में चला गया है, लेकिन परिवार के लोगों के संक्रमित होने के बाद भी वह डीपीसी कार्यालय और क्यारसपुर में काम काज करता रहा है। बैठकों में भी वह शामिल हुआ है। शनिवार को ही वह जिला शिक्षा केन्द्र भी आया था।

...और यहां कृष्णा कॉलोनी में संक्रमण को चुनौती
फोटो-04 विदिशा. कृष्णा कॉलोनी की धर्मशाला के सामने बारात की भीड़।
सब कुछ अनलॉक हो गया, शासन-प्रशासन ने भी सावधानियों का ढिढोंरा पीटकर सब जनता पर छोड़ दिया। नियम बना दिए कि किस समारोह में अधिकतम कितने लोग रह सकते हैं। लेकिन जिले के लोग कोरोना महामारी को भी चुनौती देने में पीछे नहीं हैं। यह तस्वीर 30 जून को ही कृष्णा कॉलोनी की श्रीकृष्ण धर्मशाला के सामने की है। शादी समारोह में भारी भीड़, न किसी के चेहरे पर मास्क, न ही सोशल डिस्टेंसिंग और न ही अधिकतम 50 लोगों की सीमा। कहां कौन देखने और समझने वाला है। यह स्थिति कितनी भारी पड़ सकती है इसका भी किसी को भान नहीं है।

वर्जन...
मेरे ऑफिस का एक कर्मचारी पॉजिटिव आने के बाद उसके संपर्क में आए डॉक्टर्स और कर्मचारियों के सैंपल लिए हैं। सिविल सर्जन कार्यालय पूरी तरह बंद कर दिया है। सभी लोग क्वारंटीन में चले गए हैं। अब डॉ संजय जैन प्रभारी के रूप में सिविल सर्जन का दायित्व निभाएंगे।
-डॉ संजय खरे, सिविल सर्जन विदिशा

govind saxena Bureau Incharge
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