20 वाहन, 100 लोगों की टीम, 6 घंटे की मेहनत और 200 बीघा जमीन कराई मुक्त

मुरवास क्षेत्र में वन विकास निगम पर वर्षों से था अवैध कब्जा

By: govind saxena

Updated: 19 Mar 2021, 10:31 PM IST

लटेरी/ विदिशा. जिस वन विकास निगम की करोड़ों की जमीन पर वन माफिया के अवैध कब्जे की शिकायत लगातार दलित नेता संतराम कर रहे थे, उस जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उनकी हत्या के दूसरे दिन हुई। वन विकास निगम, वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की करीब 100 लोगों की टीम 20 वाहनों से मौके पर पहुंची और मुरवास क्षेत्र के करीब 200 बीघा वन विकास निगम की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस दौरान हार्वेस्टर, दो पोकलेन मशीनों का उपयोग किया गया और 8-10 कच्चे, पक्के मकान भी ध्वस्त कर दिए गए।

इस तरह चला घटनाक्रम...
सुबह करीब 8 बजे ही वन विभाग का अमला और पुलिस लटैरी आ चुकी थी, लेकिन मुरवास में मृतक के शव को रखकर प्रदर्शन को देखते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को थोड़ा रोक दिया गया। जब समझाइश के बाद मृतक के परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के लिए राजी हो गए तो करीब 10.30 बजे अमले को मुरवास में वन विकास निगम के अतिक्रमण वाले क्षेत्र में पहुंचने के संकेत दिए गए। थोड़ी ही देर में करीब 20 वाहनों का काफिला, हार्वेस्टर, दो पोकलेन मशीनें मौके पर पहुंचीं। ताबड़तोड़ अमला देख ग्रामीण भी मौकेे पर कार्रवाई देखने दौड़ पड़े। लेकिन धारा 144 लगी होने और बेवजह भीड़ एकत्रित न हो, इस मंशा से पुलिस ने लोगों को मौके पर से खदेडऩा शुरू कर दिया। इस दौरान वन विकास निगम और राजस्व की टीम ने अपने नक्शे के माध्यम से नापजोख शुरू की और फिर चुन-चुनकर करीब 200 बीघा जमीन पर खड़ी फसल को हार्वेस्टर से कटवा लिया गया। फसल कटाई के बाद खेतों में पोकलेन मशीनें उतारी गईं और खेतों में गहरे गढ्ढे करा दिए। इसके साथ ही अतिक्रमण हटाने पहुंचा चार विभागों का ये संयुक्त अमला वन विकास निगम की जमीन पर बने 8-10 कच्चे-पक्के मकानों को तोडऩे पहुंचा और देखते ही देखते सारे निर्माण जमीदोंज कर दिए गए। इस दौरान एसडीएम तन्मय वर्मा पूरे समय मौजूद रहे, वन विभाग के एसडीओ आरके सक्सेना, उत्तर रेंज के रेंजर विनोद सिंह, एसडीओपी धर्मेंद्र रावत, टीआइ पंकज गीते और वन विकास निगम के धर्मेंद्र सिंह भदौरिया पूरी टीम के साथ मौजूद थे। यह कार्रवाई सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक सतत चलती रही, इसके बाद तेज बारिश ने व्यवधान डाला।

वन विकास निगम- कौन कब से पदस्थ
वन विकास निगम की जमीन पर वन माफिया इतने वर्षों से पनपा ही नहीं बल्कि करोड़ों की जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहा था, पक्के मकान बनाकर स्थाई रूप से रह रहा था। लेकिन तमाम शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। इसे मुद्दा बनाकर विधायक उमाकांत शर्मा ने निगम के तीन अधिकारियों के संरक्षण में वन माफिया के पनपने का आरोप लगाया है। ये अधिकारी कब से पदस्थ थे, देखें-
1. आदर्श श्रीवास्तव, डीएफओ वन विकास निगम भोपाल- 2014 से
2. धर्मेंद्र भदौरिया, एसडीओ वन विकास निगम, भोपाल- 2012-13 से
3. संतोष दुबे, रेंजर वन विकास निगम, विदिशा- 2016-17 से


दिन भर चला सीएम के नाम ज्ञापन का दौर
संतराम की हत्या के विरोध और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाए जाने की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर दिन भर ज्ञापनों का दौर चला। राष्ट्रीय दलित महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेश कटारे के नेतृत्व में महासंघ और हिन्दूवादी संगठनों ने एसपी विनायक वर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। इनमें मलखान सिंह, चंद्रभान सिंह सहित अनेक हिन्दू संगठनों के नेता भी मौजूद थे। मप्र सरपंच-उपसरपंच संगठन ने सीएम के नाम ज्ञापन प्रशासन को दिया। इसी तरह बड़ी संख्या में पहुंचे भाजपा नेताओं ने भी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रशासन को सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। इस मौके पर भाजपा नेता मुकेश टंडन, दीपक तिवारी, राजेश जैन, सुरेंद्र चौहान, पंकज पांडेय, शिवराज यादव सहित अनेक नेता-कार्यकर्ता मौजूद थे। लटेरी और त्योंदा में भी भाजपा ने घटना के विरोध और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपे।


विधानसभा में भी गूंज चुका है मुरवास में वन भूमि पर अतिक्रमण
विधायक उमाकांत शर्मा ने जुलाई 2019 में मुरवास क्षेत्र में वन विकास निगम की जमीन पर पौधरोपण और अतिक्रमण का मामला उठाया था। शर्मा के प्रश्न के जवाब में तत्कालीन वन मंत्री उमंग सिंगार ने जो जवाब दिया था जिसमें भारी अतिक्रमण को स्वीकार कर मामले न्यायालय में या जांच में बताए गए थे।

विधायक ने भेजी ध्यान आकर्षण सूचना
विधायक उमाकांत शर्मा ने 16 मार्च 2021 को ही मप्र विधानसभा में ध्यान आकर्षण सूचना भेजकर वन विकास निगम लटेरी में भारी भ्रष्टाचार का जिक्र किया है। सूचना में विधायक ने कहा है कि एक ओर मुख्यमंत्री ने रोजाना एक पौधा रोपने का संकल्प लिया है। वहीं लटेरी में वन विकास निगम वनों का विनाश कर रहा है। वन भूमि वन विकास निगम को हस्तांतरितकरने के बाद करोड़ों रूपए खर्च कर यहां सागौन के पौधे लगाए जाते हैं और निगम की लापरवाही से उनको उखाडकऱ जंगल खेतों में तब्दील कर दिया जाता है। हजारों बीघा पर वन माफिया ने खेत बना लिए हैं। 2018 से यदि जांच कराई जाए तो साफ हो जाएगा कि मुरवास, शहरखेड़ा सहित कई भू माफिया से सांठ गांठ कर निगम की भूमि पर अतिक्रमण कराया गया है और सागौन के पेड़ों को काटकर वनों का क्षति पहुंचाई गई है।

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उत्तर लटेरी के मुरवास क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया है। करीब 200 बीघा से ज्यादा में फसल कटवाकर जप्त की। दस मकान तोड़े हैं। अनदेखी कभी नहीं हुई है, स्थानीय अमले की अनदेखी सामने आएगी तो कार्रवाई करेंगे।
-आदर्श श्रीवास्तव, डीएफओ वन विकास निगम भोपाल
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वन विकास निगम की जमीन से करीब 40-50 हेक्टेयर को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। 5-7 करोड़ की जमीन है ये। इसके साथ ही 8-10 कच्चे-पक्के मकानों को भी तोड़ा गया है। कार्रवाई चल रही है।
-तन्मय वर्मा, एसडीएम लटेरी

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वन विकास निगम की जमीन से अतिक्रमण हटाने में वन विभाग की टीम भी पूरी तरह साथ रही। एसडीओ आरके सक्सेना, लटेरी रेंजर विनोद सहित तीन और रेंज ऑफीसर्स समेत वन अमला साथ रहा। राजस्व, पुलिस की टीम भी मौजूद रही। हार्वेस्टर से फसल कटवाकर खेतों में दो जेसीबी से गढ्ढे कराए हैं। कई मकान तोड़े हैं।
-राजवीर सिंह, जिला वनमंडलाधिकारी विदिशा

govind saxena Bureau Incharge
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