आधार सेंटर पर हो रही मनमानी से सरकार ने लिए ये एक्शन

आधार कार्ड के नाम पर हो रही मनमानी, ई-गर्वनेंस की जांच में हुई पुष्टी

By: दीपेश तिवारी

Published: 09 Dec 2017, 04:23 PM IST

विदिशा। जिले में कई आधार कार्ड सेंटर नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं इन आधार सेंटर पर ग्राहकों से मनमानी फीस वसूली जा रही है। जिससे ग्राहकों को खासी चपत लग रही है। इस ओर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा था। जिसकी शिकायत शासन स्तर तक पहुंचने पर राज्य सरकार ने इन पर नियंत्रण करने के लिए प्रशासन को निर्देशित किया है। इसी तारतम्य में इन पर लगाम कसने के लिए ई-गर्वनेंस विभाग ने भी कमर कस ली है और सभी ब्लॉक के तहसीलदारों को इनकी जांच के लिए निर्देशित किया है। वहीं विगत एक हफ्ते में ही जिले के पांच आधार सेंटर पर जांच की गई, इनमें से तीन पर अनियमिताएं सामने आई हैं।

मालूम हो कि सरकार द्वारा प्रत्येक योजना का लाभ लेने के लिए आधार की अनिवार्यता कर दी है। जिसके चलते आधार सेंटर की भी जगह-जगह खुलने लगे हैं। नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण आधार बनाने के नाम पर जनता से छलावा किया जा रहा है। वहीं कई बार तो राशि जमा करने के बावजूद महीनों आवेदक का आधार बनकर नहीं आ पाता है। जिससे उन्हें आधार सेंटर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के दौरान आधार में कुछ कमी पाए जाने पर उसमें संशोधन करने के नाम पर भी मनमानी फीस वसूली जाती है। आधारकार्ड सेंटर पर निशुल्क आधार कार्ड बनाने के निर्देश हैं। लेकिन जिला मुख्यालय पर ही चल रहे अधिकांश आधार सेंटर नया आधार कार्ड बनाते समय ग्राहकों से 40 रूपए से लेकर60 रूपए तक की वसूली कर रहे हैं और इसकी रसीद भी नहीं दी जाती है। इसी तरह बायोमेट्रिक या डेमोग्राफिक संशोन के नाम पर भी 40 से 80 रूपए तक की वसूली की जा रही है।

इन पर की कार्रवाई
ई-गर्वनेंस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शासन के निर्देशानुसार अब आधार सेंटर की जांच शुरु हो गई है। विगत एक हफ्ते में विदिशा, गुलाबगंज और ग्यारसपुर के पांच सेंटर की जांच की गई। इनमें से तीन में अनियमितताएं पाई हैं। जिसके तहत ओवर चार्ज लेना, सीसी कैमरे नहीं लगाना, निशुल्क आधार बनाने का डिस्पले नहीं होना आदि शामिल हैं। इन तीन सेंटर की सूची शासन को भेजी जा रही है। जहां से इन पर कार्रवाई की जाएगी। जिसके तहत यह बंद भी हो सकते हैं।

अनियमितताएं पाने वाले सेंटर में खरीफाटक स्थित न्यू साइबरनेटिक्स कम्प्यूटर, गुलाबगंज सेंटर और ग्यारसपुर सेंटर शामिल है। इनकी रिपोर्ट मप्र इलेक्ट्रानिक विकास निगम हो भेजी जाएगी। जहां से इन पर कार्रवाई की जाएगी। जिसके तहत सेंटर बंद भी हो सकते हैं।

यह है नियम
ई-गर्वनेंस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिलेभर में करीब २० आधार सेंटर हैं। वहीं जिलेभर में पंचायत स्तर पर सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) खोले जा रहा हैं। जहां नया आधार बनाने के साथ ही डेमोग्राफिक और बायोमेट्रिक संशोधन किए जाते हैं। नियमानुसार प्रत्येक आधार सेंटर पर निशुल्क आधार कार्ड बनाने संबंधी फ्लेक्स लगा होना चाहिए। सेंटर पर सीसी कैमरा लगा होना अनिवार्य है। वहीं आधारकार्ड में संशोधन संबंधी और अन्य कार्य किए जाने संबंधी रेट सूची चस्पा होना चाहिए। संशोधन आदि के लिए राशि लिए जाने पर उसकी रसीद आवश्यक रूप से दी जानी चाहिए।

यहां करें संपर्क
यदि किसी भी आधार सेंटर पर आधार कार्ड बनाने के नाम पर रूपयों की वसूली की जा रही है। वहीं बायोमेट्रिक या डेमोग्राफिक संशोधन के समय मनमानी फीस ली जा रही है और रसीद नहीं दी जा रही है, तो ग्राहक कलेक्ट्रेट स्थित ई-गर्वनेंस शाखा या तहसीलदार दफ्तर में शिकायत कर सकते हैं। इसके बाद यहां से जांच के लिए अधिकारी जाएंगे।

इनका कहना है
आधारकार्ड सेंटर की जांच के लिए पहली बार शासन स्तर से निर्देश मिले हैं। जिसके तहत सेंटर की जांच के लिए फार्मेट मिले हैं। उसी आधार पर जांच की जाना है और फार्मेट में सेंटर की जानकारी भरकर इन्हें मप्र इलेक्ट्रानिक विकास निगम को भेजा जाएगा। इसी क्रम में एक हफ्ते में पांच सेंटर की जांच की गई। इनमें से तीन में अनियमितताएं पाई गई हैं और यह मापदंडों पर खरे नहीं उतरे। जिसके चलते इनकी रिपोर्ट निगम को भेजी जाएगी। जहां से इन पर कार्रवाई की जाएगी। अब हर माह इनकी जांच रेंडम तरीके से की जाएगी। वहीं प्रत्येक ब्लॉक में इनकी जांच के लिए सभी तहसीलदार को पत्र लिख दिए गए हैं। वहीं सहायक ई-गर्वनेंस अधिकारी भी तहसीलदार के साथ जाकर जांच करेंगे। वहीं शिकायत मिलने पर भी जांच की जाएगी।
- निजाम उद्दीन, प्रबंधक, ई-गर्वनेंस, विदिशा

दीपेश तिवारी
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