पंजीयन कराने किसान हो रहे परेशान

पंजीयन कराने किसान हो रहे परेशान

Veerendra Shilpi | Publish: Sep, 10 2018 12:06:56 PM (IST) Vidisha, Madhya Pradesh, India

एक दर्जन गांव के किसानों के कहीं भी नहीं हो रहे पंजीयन, कुल ग्यारह समिति के माध्यम से पंजीयन होना है

विदिशा/सिरोंज. भावंतर योजना के तहत खरीफ फसल के इ-उपार्जन के लिए पंजीयन कराने के लिए किसानों को खासा परेशान होना पड़ रहा है।

पंजीयन के लिए पहले नौ समितियां तय हुई थीं। इसके बाद दो और समितियां और बढ़ा दी गई हैं। जिसके चलते कुल ग्यारह समिति के माध्यम से पंजीयन होना है। लेकिन समितियां समय पर नहीं खुलने या कर्मचारी नहीं मिलने और सर्वर की समस्या के कारण अभी भी दर्जनभर से अधिक गांव के सैकड़ों किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। जिससे वे परेशान हैं और समितियों के चक्कर लगा रहे हैं। किसान पंजीयन नहीं हो पाने की शिकायत समिति पदाधिकारियों से लेकर प्रशाासनिक अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद इनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

10 दिन शेष
मालूम हो कि पहले पंजीयन की अंतिम तारीख 10 सितम्बर थी, जिसे बढ़ाकर 20 सितम्बर कर दिया गया है। ऐसे में अब पंजीयन के लिए महज 10 दिन ही शेष हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी किसानों का सही मार्गदर्शन नहीं कर रहे हैं। जिससे किसान पंजीयन करवाने को लेकर इन दिनों खासे परेशान नजर आ रहे हैं।

अधिकारी एक-दूसरे पर टाल रहे जिम्मेदारी
किसान जब पंजीयन नहीं होने की शिकायत संबंधित अधिकारियों से करने पहुंच रहे हैं, तो वे एक-दूसरे का कहकर टाल रहे हैं और किसानों का सही मार्गदर्शन नहीं कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि मंडी उपजों के दाम बहुत कम हैं। ऐसे में पंजीयन नहीं हो पाने पर किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

शुल्क देने पर हो रहे पंजीयन
कई समिति प्रबंंधकों ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए और फायदा लेने के लिए प्रायेेवट काम करवा रहे हैं। ऑनलाइन वालों को पासवर्ड दे दिए हंै। जहां पर पंजीयन करने की मोटी रकम किसानों से वसूलने का काम किया जा रहा है। जो किसान रुपए नहीं देता है उसका पंजीयन करने से ही मना कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में मजबूरी में किसानों को पंजीयन करवाने के लिए राशि देनी पड़ रही है। जबकि सरकार के द्वारा पंजीयन निशुल्क किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

दूसरे को दिया पासवर्ड
गरेठा समिति द्वारा एक प्रायवेट व्यक्ति को अपना पासवर्ड दे दिया गया है। उसके द्वारा किसानों से 150 रुपए से लेकर 250 रुपए मांगने का काम किया जा रहा है। जिसका वीडियो भी सामने आ चुका है। इसके बावजूद जिम्मेदार कार्रवाई करने की बजाए बात छिपाते नजर आ रहे हैं। प्रायेवट में पंजीयन करने वाला व्यक्ति किसानों से खुले आम कह रहा है कि तुम अपने वाले हो इसलिए 150 रुपए दे दो नहीं तो वह 250 रुपए से कम किसी के पंजीयन के नहीं लेता। वहीं रुपए नहीं देने पर उसके द्वारा पंजीयन नहीं किया जाता। इसके अलावा कई समितियों के द्रारा भी इस तरह काम करवाया जा रहे है।

अंबेडकर भवन में नहीं हो रहे पंजीयन
पहले अंबेडकर मांगलिक भवन को पंजीयन के लिए केन्द्र बनाया गया था, लेकिन वहां पर आज तक पंजीयन का काम नहीं हो रहा है। जिसकी वजह से किसान परेशान हैं। क्योंकि उनकी सुनने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है। इधर से उधर भगाने का काम किया जा रहा है।

इनका कहना है...
चाठोली समिति में पंजीयन के लिए गया था, तो मेरे साथ वहां अभ्रद व्यवहार किया गया। जिसकी मैंने शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर की है। उसको वापिस लेने के लिए अधिकारी मुझे धमका रहे हैं।

रवि रघुवंशी, शिकायतकर्ता

जो ग्राम छूट गये थे और सियलपुर से परिर्वतित किये गए थे। उन किसानों के पंजीयन परसोरा समिति में होंगे। यदि किसानों से रुपए लिए जा रहे हैं, तो संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बृज बिहारी श्रीवास्तव, एसडीएम, सिरोंज

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