भावान्तर भुगतान योजना में 20 हजार किसानों को अब तक इंतजार

25 हजार किसानों को मिले 43 करोड़, दिसंबर माह वालों को भुगतान 12 से

By: योगेंद्र Sen

Published: 10 Feb 2018, 12:24 PM IST

विदिशा। भावान्तर भुगतान योजना में पंजीयन के बाद अनाज बेचने वाले 25 हजार 196 किसानों को अब तक 43 करोड़ 28 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। जबकि दिसंबर में अनाज बेचने वाले 20 हजार 570 किसानों को खातों में राशि आने का इंतजार है। वहीं विभिन्न कारणों से करीब 3500 अन्य किसानों का भुगतान अभी उलझा हुआ है।

जिले में भावान्तर योजना के तहत दो बार पंजीयन हुए थे। जिसमें 86 हजार 495 किसानों ने उपज बेचने के लिए पंजीयन कराया। इसके बाद 15 नवंबर से 25 नवंबर के बीच फिर से पंजीयन का मौका दिया गया। इस अवधि में 8520 और किसानों ने पंजीयन कराया। ये ऐसे किसान थे जो या तो पहले पंजीयन कराने से वंचित रह गए थे अथवा उन्होंने उपज पहले बेच दी थी और पंजीयन बाद में कराया। इन 8520 किसानों में से करीब 3000 किसानों ने उपज बेची, लेकिन इनका भुगतान सबसे बाद में परीक्षण उपरांत होगा। उधर 16 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक उपज बेचने वाले 5704 किसानों को 7 करोड़ 57 लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान हो चुका है। इसी तरह 01 नवंबर से 30 नवंबर तक उपज बेचने वाले 19492 किसानों के खाते में भी 35 करोड़ 70 लाख रुपए से ज्यादा की राशि पहुंचा दी गई है।

इस प्रकार अब तक 25196 किसानों को 43 करोड़ 28 लाख 33 हजार 845 रुपए का भुगतान कर दिया गया है। दिसंबर में अपनी उपज बेचने वालों का भुगतान अभी नहीं हुआ है। उम्मीद है कि 12 फरवरी से उनके खातों में भी राशि पहुंचने लगेगी। इन किसानों की संख्या 20 हजार 570 है। जिन्हें 35 करोड़ 45 लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान किया जाना है। हालांकि अभी दिसंबर माह में उपज बेचने वाले करीब 4 हजार किसानों की एंट्री ही नहीं हो सकी है, जिसके लिए कलेक्टर ने वरिष्ठ कार्यालय से अनुमति मांगी है।

इन किसानों के खातों में आ रही है परेशानी
विभाग के अनुसार 15 नवंबर से 25 नवंबर तक पंजीयन कराने वाले किसानों का भुगतान परीक्षण और दिसंबर में फसल बेचने वाले किसानों के बाद होगा। नवंबर माह के 545 बैंक खातों में राशि जाने में परेशानी आई है। कुछ खाते बंद हो गए हैं या कुछ किसानों के खाता नंबर ही गलत हैं, जिससे उनका ट्रांजेक्शन फेल हुआ है। अब ऐसे किसानों को बुलाकर रिकार्ड दुरुस्त कराया जा रहा है। जबकि नवंबर माह के 2806 किसानों ने विदिशा में पंजीयन तो कराया, लेकिन जिले से बाहर जाकर अपनी उपज बेची। इनका भुगतान भी अभी अटका हुआ है। इसी तरह 73 किसान ऐसे भी हैं जिनका डाटा नहीं मिल पा रहा है।

इनके पंजीयन 12 से
भावांतर योजना के तहत मसूर, चना, प्याज और सरसों को बेचने के लिए पंजीयन 12 फरवरी से खरीदी केन्द्रों पर होंगे। शासन ने चने का समर्थन मूल्य 4400, मसूर का 4250, सरसों का 4000 रुपए तय किया है।

भावांतर योजना में दिसंबर माह के भुगतान 12 फरवरी से होंगे। अक्टूबर-नवंबर में उपज बेचने वाले जिन पंजीकृत किसानों का भुगतान नहीं हुआ है, वे अपने दस्तावेजों के साथ संबंधित मंडी कार्यालय या कृषि कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उनकी समस्या का निराकरण होगा।
-मोहन मारू, जिला आपूर्ति अधिकारी

आंकड़ों में योजना
86495 - भावांतर योजना के तहत जिले में कुल पंजीयन
55000 - किसानों ने बेचा अनाज
25196 - किसान योजना में अब तक भुगतान पा चुके
43 करोड़ से अधिक राशि का किया जा चुका भुगतान
20570 - किसान दिसंबर माह में उपज बेचने वाले हैं
35 करोड़ से अधिक राशि इन्हें भुगतान में मिलने वाली है
12 फरवरी से भुगतान का दिलाया जा रहा है भरोसा

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी भी कम होगी
शासन ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रूपए रखा है। गत वर्ष जिले में 3 लाख क्विंटल गेहूं की खरीदी हुई थी, लेकिन इस बार गेहूं का रकबा कम और चने का रकबा बढ़ा है। इसलिए शासन ने जिले में गेहूं खरीदी का लक्ष्य भी पिछले वर्ष की तुलना में कम रखा है। इस बार 25 लाख क्विंटल गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। गेहूं को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए गत वर्ष 38650 किसानों ने पंजीयन कराया था। किसानों का वही पंजीयन इस बार भी मान्य होगा। जिन किसानों ने पहले पंजीयन नहीं कराया है, लेकिन अपनी फसल बेचना चाहते हैं उन्हें 15 फरवरी तक पंजीयन कराना होगा। गेहूं खरीदी 20 मार्च से 20 मई तक होगी।

योगेंद्र Sen Reporting
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