ये जिला हमेशा भाजपा का रहा है मजबूत गढ़

ये जिला हमेशा भाजपा का रहा है मजबूत गढ़

Veerendra Shilpi | Publish: Sep, 07 2018 02:23:29 PM (IST) | Updated: Sep, 07 2018 02:25:17 PM (IST) Vidisha, Madhya Pradesh, India

विदिशा विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी कल्याण सिंह दांगी ने कांग्रेस के शशांक भार्गव को हराकर भाजपा की सीट बरकरार रखी थी।

विदिशा. पूरे प्रदेश के साथ ही विदिशा विधानसभा सीट पर भी दो माह बाद महामुकाबला होना है। विदिशा विधानसभा से पिछले चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 16 हजार मतों से जीते थे, उन्होंने कांग्रेस के शशांक भार्गव को पराजित किया था।

लेकिन बुधनी और विदिशा दोनों सीटों से जीते शिवराज ने विदिशा से इस्तीफा दे दिया था और उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी कल्याण सिंह दांगी ने कांग्रेस के शशांक भार्गव को हराकर भाजपा की सीट बरकरार रखी थी। लेकिन अब हालात बदले से नजर आते हैं।

सर्वमान्य नाम की तलाश में इस बार भी विदिशा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम तेजी से उठ रहा है। उनकी उम्मीदवारी शमशाबाद और कुरवाई सीटों को मजबूत कर सकती है। ऐसे में मौजूदा विधायक कल्याण सिंह का टिकट कटना तय माना जा रहा है।

उधर कांग्रेस से शशांक भार्गव सीएम से अपेक्षाकृत छोटी हार से उत्साहित और सक्रिय हैं। दोनों दलों में और भी दावेदार सक्रिय हैं।

विदिशा: किस किस की दावेदारी
दावेदार पार्टी इस आधार पर दावेदारी
- शिवराजसिंह चौहान भाजपा, जिताऊ नाम न होने पर चुनाव लड़ सकते हैं।
- मुकेश टंडन भाजपा, नपाध्यक्ष हैं, विकास कार्यों के आधार पर दावेदारी।
- तोरणसिंह दांगी भाजपा, जिपं अध्यक्ष हैं, पहचान के आधार पर दावेदार हैं।
- सुखप्रीत कौर भाजपा, भाजपा महिला मोर्चा की सचिव हैं।
- श्यामसुन्दर शर्मा भाजपा, सहकारी बैंक अध्यक्ष हैं और गांव-गांव में पकड़।
- शशांक भार्गव कांग्रेस, सीएम से 16 हजार वोटों से हारे, लगातार सक्रिय हैं।
- रंधीर सिंह ठाकुर कांग्रेस, पूर्व जपं अध्यक्ष हैं, वर्तमान में पत्नी जपं अध्यक्ष।
- राकेश कटारे कांग्रेस, पूर्व जपं अध्यक्ष हैं और ग्यारसपुर क्षेत्र में पकड़ है।
- आनंदप्रतापसिंह कांग्रेस, युवा नेता हैं और आंदोलनों में सक्रिय।

मुद्दे जो चर्चा मेंं हैं
1. भ्रष्टाचार का लगातार बढऩा।

2. क्षेत्र में हुए विकास कार्य।

3. सरकारी योजनाओं का लाभ।

4. अपराध में लगातार बढ़ौतरी।

5. गायों के कारण हो रही परेशानी।

6. अधिकारी नहीं सुनते।

बदलते समीकरण
1. सपाक्स के कारण भाजपा और कांग्रेस दोनों को आ सकती है।
2. सीएम की उम्मीदवारी न होने की स्थिति में भी भितरघात बढ़ सकता है।
3. कांग्रेस में चौथी बार शशांक भार्गव की उम्मीदवारी से भी विवाद उठेगा।
4. लोगों में बदलाव के लिए मन बनाने से कुछ नया भी हो सकता है।

 

पिछले चुनाव में दावेदार...
दोनों दलों से 12 दावेदार थे, ऐसे में भितरघात मुख्य कारण रहा।

विधायक ऐसा हो जो क्षेत्र की जनता में भेदभाव न करे। यहां अतिक्रमण बड़ी समस्या है।

- आरपी तिवारी, रिटा. अघिकारी

क्षेत्र का विकास करने वाला और महिला सुरक्षा को अभियान बनाने वाले विधायक की जरूरत है।

- नीतू गुप्ता, गृहिणी

नोटबंदी और जीएसटी सहित अन्य कई नीतियों से इस वर्ग का भाजपा से मोहभंग हुआ है।

- रामबाबू, व्यापारी

विधायक किसी भी पार्टी का हो, भ्रष्टाचार और अपराधों पर अंकुश लगाने में सक्षम हो।

- अक्षय शर्मा, कॉलेज स्टूडेंट

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