यहां बस स्टैंड के बाहर से संचालित हो रहा बसों का आवागमन, आखिर क्यों.....

दो माह बाद भी वापस अंदर नहीं आया बस स्टैंड, यात्री हो रहे परेशान

By: दीपेश तिवारी

Published: 12 Nov 2017, 12:50 PM IST

विदिशा। जिले के शमशाबाद में करीब दो माह बाद भी बस स्टैंड अंदर नहीं आ पाया है। बाहर से ही बसों का संचालन होने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। उल्लेखनीय है कि दुर्गा उत्सव के समय श्रद्धालुओं की भीड़ देखते हुए बस स्टैंड को नगर से अस्थायी तौर पर बाहर किया गया था। उस समय कहा गया था कि त्योहार के बाद बस स्टैंड को वापस अंदर लाया जाएगा, लेकिन दो माह बाद भी इसे अंदर नहीं लाया गया।

 

बसों के ड्रायवरों, स्टैंड कंडक्टरों एवं व्यापारियों की आपसी खींचतान से यह समस्या बनी हुई है। अधिकांश यात्रियों को घर से बस स्टैंड तक पैदल जाना आना पड़ता है। रात में ९ बजे विदिशा एवं रात १०.३० बजे भोपाल से आने वाली बसों के यात्रियों को घर तक पहुंचने में भारी परेशानी होती है। सामान के साथ घर तक पहुंचने के लिए साधन नहीं मिलता। अकेली महिलाएं आई हों तो उनकी मुसीबत बढ़ जाती है। नगर के बाहर बने अस्थायी बस स्टैंड पर कोई सुविधा नहीं है। वहां शौचालय, पेयजल, बैठक आदि के इंतजाम नहीं हैं। महिलाओं और स्कूली छात्राओं को बसों के इंतजार में देर तक खड़ा रहना पड़ता है।

शिक्षिका मनीषा शर्मा का कहना है कि हमें अस्थाई बस स्टैंड से एक किमी रोज आने जाने में परेशानी होती है। कोई व्यवस्था नहीं है। हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष कन्छेदी कुशवाह का कहना है कि हमने एक सप्ताह पहले उद्यानिकी मंत्री सूर्यप्रकाश मीणा से मांग की थी कि बसों को वापस अंदर तक लाया जाए। उन्होंने टीआई को निर्देश भी दिए थे, लेकिन अब तक कोई व्यवस्था नहीं हुई। वहीं ड्रायवरों का कहना है कि आजाद चौक, पटोघाट एवं बस स्टैंड केे आसपास अतिक्रमण के कारण बसों को अंदर लाने में परेशानी होती है। पहले पुलिस की ड्यूटी रहती थी, लेकिन अब पुलिस कम होने से दिक्कत आ रही है।

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दीपेश तिवारी
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